Kedarnath helicopter crash: दर्शन के बाद लौट रहे श्रद्धालुओं का हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट और बच्चे समेत 7 की मौत
Sandesh Wahak Digital Desk: चारधाम यात्रा के दौरान रविवार तड़के एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। केदारनाथ से गौरीकुंड लौट रहा एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में पायलट और एक छोटे बच्चे सहित कुल 7 लोगों की मौत हो गई। हादसे के वक्त हेलिकॉप्टर में कुल 7 लोग सवार थे।
खराब मौसम बना मौत की वजह
यह हादसा रविवार सुबह करीब 5:20 बजे गौरीकुंड के पास हुआ, जो केदारनाथ से लौटते तीर्थयात्रियों का आखिरी मुख्य पड़ाव है। उस समय इलाके में तेज बारिश और घना कोहरा छाया हुआ था। शुरुआती रिपोर्टों में खराब मौसम को इस दुर्घटना की मुख्य वजह बताया गया है।
कौन थे सवार
हेलिकॉप्टर में सवार यात्री उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से दर्शन के लिए आए हुए श्रद्धालु थे। सभी ने केदारनाथ में भगवान शिव के दर्शन कर लिए थे और वापसी की उड़ान पर थे। हेलिकॉप्टर आर्यन एविएशन कंपनी का था, जो नियमित रूप से इस रूट पर उड़ान भरती है।
मौके पर राहत-बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही NDRF और SDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। शवों को निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुख
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, रुद्रप्रयाग में हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर अत्यंत दुखद है। रेस्क्यू टीमें मौके पर हैं। मैं मृतकों की आत्मा की शांति और परिजनों को संबल मिलने की प्रार्थना करता हूं।
8 दिन पहले भी हुआ था हादसा
यह कोई पहली घटना नहीं है। सिर्फ 8 दिन पहले, 7 जून को इसी रुद्रप्रयाग जिले में एक और हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। उस घटना में हेलिकॉप्टर सड़क पर उतारा गया था, जिससे एक कार क्षतिग्रस्त हो गई थी।
हेलिकॉप्टर सेवाओं पर उठे सवाल
लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने हेलिकॉप्टर सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आर्यन एविएशन, हेरिटेज एविएशन और पवन हंस जैसी कंपनियां चारधाम यात्रा के दौरान सेवाएं देती हैं, लेकिन तकनीकी खामियों और खराब मौसम में उड़ान भरने की वजह से श्रद्धालुओं की जान पर बन आती है।
DGCA की निगरानी पर भी सवाल
DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने हाल ही में इन कंपनियों की उड़ान सुरक्षा और मेंटेनेंस रिकॉर्ड की जांच शुरू की थी, लेकिन उससे पहले ही यह बड़ा हादसा हो गया। अब DGCA फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) की जांच करेगा ताकि पता लगाया जा सके कि दुर्घटना के अंतिम क्षणों में क्या हुआ।
श्रद्धालुओं में डर और नाराजगी
हादसे के बाद तीर्थयात्रियों में डर और गुस्सा दोनों देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं के एक समूह ने कहा, हम दर्शन के लिए आए थे, लेकिन अब हेलिकॉप्टर में बैठने से डर लग रहा है। सरकार को इसकी गहराई से जांच करानी चाहिए।
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