Lucknow News: हाईकोर्ट में महिला को पकड़ने पहुंचे दरोगाओं पर ही गिर गई गाज, FIR के बाद तीनों पुलिसकर्मी सस्पेंड
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हाईकोर्ट परिसर में सोमवार को उस समय भारी हंगामा हो गया, जब गो-तस्करी की एक आरोपी महिला की तलाश में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की। बिना अनुमति वकील के चैंबर में घुसकर दबिश देना तीन पुलिसकर्मियों को इतना भारी पड़ा कि अब वे खुद कानूनी शिकंजे में हैं और उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।
पूरा मामला सोमवार दोपहर का है। काकोरी थाने में तैनात दरोगा उस्मान खान, लाखन सिंह और सिपाही पुष्पेंद्र सिंह को खबर मिली कि गो-तस्करी मामले में आरोपी आमिना खातून हाईकोर्ट में अपने रिश्तेदार वकील गुफरान सिद्दीकी से मिलने आई है। तीनों पुलिसकर्मी पर्ची बनवाकर कोर्ट परिसर में दाखिल हुए और सीधे ब्लॉक-सी के चैंबर नंबर 515 में घुस गए। जैसे ही उन्होंने आमिना को पकड़ने की कोशिश की और कथित तौर पर धमकाया, वहां मौजूद वकील भड़क गए। वकीलों ने पुलिस को घेर लिया और कोर्ट परिसर के भीतर इस तरह की मनमानी का कड़ा विरोध किया।
नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
पुलिसकर्मियों ने जोश में आकर कानून की प्रक्रियाओं को नजरअंदाज कर दिया।
बिना अनुमति दबिश: नियम के अनुसार, हाईकोर्ट परिसर के भीतर किसी की गिरफ्तारी या तलाशी के लिए न्यायालय की अनुमति अनिवार्य है।
गलत जानकारी: जांच में पता चला कि पुलिसकर्मियों ने कोर्ट में प्रवेश के लिए गलत जानकारी दी थी। जिस एफआईआर का उन्होंने हवाला दिया, उससे जुड़ा कोई मामला उस दिन कोर्ट की सुनवाई सूची में था ही नहीं।
सीधे चैंबर में एंट्री: पुलिस को महिला के बाहर आने का इंतजार करना चाहिए था, लेकिन वे सीधे अधिवक्ता के चैंबर में घुस गए, जिसे कानून का उल्लंघन माना गया।
हंगामा बढ़ता देख विभूतिखंड थाने की पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। वकीलों और हाईकोर्ट के सुरक्षा निबंधक की शिकायत पर तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी देने, बिना अनुमति घुसने (Criminal Trespass) और अपमान करने जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। डीसीपी ने अनुशासनहीनता और नियमों की अनदेखी के आरोप में दोनों दरोगा और सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
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