प्रधानमंत्री मोदी के साथ CDS और सेना प्रमुखों की हाई लेवल मीटिंग, अजीत डोभाल और राजनाथ सिंह भी मौजूद
Sandesh Wahak Digital Desk: भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार को लंबे समय बाद संघर्षविराम (सीजफायर) समझौते पर सहमति बनी, लेकिन इसके कुछ ही घंटों के भीतर पाकिस्तान ने इस समझौते का उल्लंघन कर दिया। भारतीय सीमा क्षेत्रों में पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधियां देखी गईं और कई स्थानों पर धमाकों की आवाजें भी सुनाई दीं। भारत ने इस पर कड़ा विरोध जताया है और सुरक्षा बलों को जवाबी कार्रवाई के लिए सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय सुरक्षाबलों को किसी भी उल्लंघन का “ठोस और सटीक” जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने भी पाकिस्तान की इस हरकत को गंभीरता से लेते हुए चेतावनी दी है कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति की मध्यस्थता से सीजफायर की घोषणा की गई थी, लेकिन श्रीनगर, पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन गतिविधियों और ब्लैकआउट की घटनाओं ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है।
पाक ने चीन को बताया भरोसेमंद मित्र
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस बीच एक बयान जारी कर भारत पर गीदड़ भभकी देने का आरोप लगाया और कहा कि भारत “पहलगाम को बहाना बनाकर युद्ध जैसी स्थिति पैदा करना चाहता है।” उन्होंने चीन को पाकिस्तान का भरोसेमंद मित्र बताया और भारत पर कई बेबुनियाद आरोप लगाए।
इस बीच एक और बड़ी सनसनीखेज जानकारी सामने आई है। पाकिस्तान एयर फोर्स के एयर वाइस मार्शल और जनसंपर्क निदेशक (DGPR) औरंगजेब अहमद ने पहली बार 2019 के पुलवामा आतंकी हमले को लेकर सार्वजनिक रूप से बयान दिया। उन्होंने इस हमले को “टैक्टिकल ब्रिलियंस” यानी “सैन्य चालाकी की मिसाल” बताया, जिससे पाकिस्तान की भूमिका को लेकर वर्षों से चल रहे इनकार पर विराम लगता नजर आ रहा है।
पीएम मोदी के साथ उच्चस्तरीय बैठक जारी
वर्तमान हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सीमाओं पर तैनात सुरक्षा बलों की स्थिति, संभावित जवाबी कार्रवाई और कूटनीतिक कदमों पर चर्चा हो रही है। भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगी और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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