लखनऊ विश्वविद्यालय में देर रात हाई-वोल्टेज ड्रामा: साथी छात्र को हिरासत से छुड़ाने के लिए छात्रों का प्रदर्शन
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ विश्वविद्यालय (L.U.) परिसर में सोमवार देर रात उस समय जमकर हंगामा हुआ, जब हसनगंज पुलिस ने लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास से पीएचडी के शोध छात्र अमन दुबे को हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही छात्रावास के अन्य छात्र उग्र हो गए और लविवि पुलिस चौकी के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्र करीब 2 बजे अमन दुबे की रिहाई के बाद ही शांत हुए।
बिना सूचना हिरासत में लेने पर हंगामा
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप था कि पुलिस ने बिना किसी लिखित शिकायत और विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति के बिना हॉस्टल परिसर से अमन दुबे को हिरासत में लिया, जो कि नियम विरुद्ध है।
विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर राकेश द्विवेदी ने भी बाद में पुष्टि की कि पुलिस ने उन्हें अमन दुबे को हिरासत में लेने की कोई सूचना नहीं दी थी। रात करीब सवा 12 बजे एसीपी अंकित कुमार मौके पर पहुँचे, जिन्हें प्रदर्शनकारी छात्रों ने घेर लिया। देर रात 1:40 बजे पुलिस द्वारा अमन दुबे को रिहा किए जाने के बाद मामला शांत हुआ।
हिरासत का कारण: पुरानी और नई मारपीट
पुलिस के अनुसार, अमन दुबे को हिरासत में लेने का कारण छात्रों के दो गुटों के बीच हुई लगातार मारपीट और विवाद है।
सोमवार की मारपीट: सोमवार को गेट नंबर-3 के पास अमन दुबे और दूसरे गुट के बीच फिर से मारपीट हुई, जिसके बाद दूसरे पक्ष ने अमन के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसी मामले में पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
पुराने केस: 13 सितंबर को भी अमन दुबे और रिशेंद्र प्रताप सिंह में मारपीट हुई थी। इसके बाद अमन ने साथियों के साथ हनुमान सेतु पर प्रदर्शन कर यातायात बाधित किया था, जिस पर चौकी प्रभारी शिशिर कुमार ने अमन दुबे और अन्य साथियों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
अगस्त का हमला: अगस्त में अमन दुबे पर लाठी-डंडों और चाकू से हमला हुआ था, जिस पर अमन की शिकायत पर हसनगंज थाने में केस दर्ज हुआ था और पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने बताया कि अमन को दर्ज केस के संबंध में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।

