Nepal में भीषण हादसा, बस दुर्घटना में 17 की मौत, 28 घायल
Sandesh Wahak Digital Desk: नेपाल (Nepal) के धाडिंग जिले में गजुरी के पास रविवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब एक यात्री बस त्रिशूली नदी में गिर गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। हादसे ने पूरे इलाके में शोक और अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया।
पोखरा से काठमांडू आ रही थी बस
दरअसल नेपाल (Nepal) के सशस्त्र पुलिस बल के प्रवक्ता बिष्णु प्रसाद भट्ट के अनुसार बस पोखरा से काठमांडू आ रही थी। रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे काठमांडू से लगभग 90 किलोमीटर पश्चिम पृथ्वी राजमार्ग पर यह बस अनियंत्रित होकर त्रिशूली नदी में जा गिरी। दुर्घटना के बाद तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया।
वहीं दुर्घटनास्थल से अब तक 17 शव बरामद किए जा चुके हैं। बस से 28 घायल यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मारे गए लोगों में एक ब्रिटिश और एक न्यूजीलैंड का नागरिक शामिल है। वहीं घायलों में जापान और नीदरलैंड की एक-एक महिला भी शामिल हैं। एक चीनी नागरिक भी घायल हुआ है, जिसका काठमांडू में इलाज चल रहा है।
एक चीनी नागरिक लापता
चीनी सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार एक चीनी नागरिक अभी लापता है। पुलिस ने बताया है कि अब तक 9 मृतकों की पहचान हो चुकी है। हादसे का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन प्रारंभिक आशंका है कि अत्यधिक तेज गति के कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
बचाव अभियान में सेना और पुलिस तैनात
वहीं बचाव कार्य में नेपाल सेना (Nepal Forces), सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को लगाया गया है। कठिन परिस्थितियों के बीच राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज और लापता लोगों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
नेपाल में बस हादसे आम
आपको बताते चलें कि नेपाल (Nepal) में बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं आम मानी जाती हैं। इसके पीछे प्रमुख कारण खराब सड़कें और वाहनों का उचित रखरखाव न होना बताया जाता है। देश में कई सड़कें बेहद संकरी हैं, जिससे यातायात में कठिनाई होती है। साल 2024 में भी इसी नदी में दो बसें गिर गई थीं, जिसमें 65 लोग मारे गए थे या लापता हो गए थे। उनमें से अधिकांश का अब तक पता नहीं चल पाया है।
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