कप्तान को बाकी खिलाड़ियों से कितनी ज्यादा मिलती है सैलरी? जानें रोहित, सूर्या और गिल की कमाई
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय क्रिकेट टीम इस समय एक दिलचस्प बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहाँ तीनों फॉर्मेट के लिए अलग-अलग कप्तान नियुक्त किए गए हैं।
वनडे टीम की कप्तानी रोहित शर्मा के पास है, टी20 की जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव के कंधों पर है, जबकि हाल ही में शुभमन गिल को टेस्ट टीम का नया कप्तान बनाया गया है।
मैदान पर कप्तानी करना सिर्फ टॉस जीतने तक सीमित नहीं है — कप्तान को मैच के दौरान रणनीति बनानी होती है, गेंदबाजों का सही समय पर उपयोग करना होता है और फील्डिंग सेटअप को तय करना होता है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या कप्तान को इन अतिरिक्त जिम्मेदारियों के बदले बाकी खिलाड़ियों से ज्यादा सैलरी दी जाती है?

BCCI का ग्रेड सिस्टम तय करता है सैलरी
इस सवाल का सीधा जवाब है – नहीं, कप्तान को सिर्फ इसलिए ज्यादा सैलरी नहीं दी जाती क्योंकि वह टीम का नेतृत्व करता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों की सैलरी के लिए ग्रेड आधारित सिस्टम लागू किया हुआ है, जो प्रदर्शन और चयन के आधार पर तय होता है।
BCCI के ग्रेड सिस्टम में चार श्रेणियां होती हैं:
-
ग्रेड A+ : ₹7 करोड़ वार्षिक
-
ग्रेड A : ₹5 करोड़ वार्षिक
-
ग्रेड B : ₹3 करोड़ वार्षिक
-
ग्रेड C : ₹1 करोड़ वार्षिक
इस सिस्टम के तहत, रोहित शर्मा वर्तमान में ग्रेड A+ में शामिल हैं, इसलिए उनकी सालाना सैलरी ₹7 करोड़ है। वहीं, टेस्ट कप्तान शुभमन गिल और टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ग्रेड A में आते हैं, जिन्हें ₹5 करोड़ सालाना मिलते हैं।
इस तरह, सैलरी कप्तानी से नहीं बल्कि ग्रेड से तय होती है। अगर कोई खिलाड़ी कप्तान होते हुए भी निचले ग्रेड में है, तो उसे उसी के अनुसार सैलरी मिलेगी।
मैच फीस भी होती है अलग
सालाना अनुबंध के अलावा, खिलाड़ियों को हर मैच के लिए अलग से मैच फीस भी मिलती है:
-
टेस्ट मैच : ₹15 लाख प्रति मैच
-
वनडे मैच : ₹6 लाख प्रति मैच
-
टी20 मैच : ₹3 लाख प्रति मैच
यह मैच फीस कप्तान और बाकी खिलाड़ियों के लिए एक समान होती है। यानी कप्तानी का सीधा असर मैच फीस पर भी नहीं पड़ता।
Also Read: Asia Cup 2025: टीम से बाहर होंगे गिल और सिराज, यशस्वी बन सकते हैं बैकअप ओपनर

