अब सर्वाइकल कैंसर से बचाएगी HPV Vaccine

Sandesh Wahak Digital Desk: भारत में बीते कुछ सालों में सर्वाइकल कैंसर के मामले तेजी से बढ़े हैं। हालांकि इस कैंसर की रोकथाम संभव है और समय रहते टीकाकरण से इससे बचा जा सकता है। इसी दिशा में भारत सरकार जल्द ही सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन (HPV Vaccine) शुरू करने जा रही है। सरकार ने घोषणा की है कि 14 साल की उम्र की लड़कियों को सरकारी हेल्थ सेंटर पर यह वैक्सीन (HPV Vaccine) मुफ्त में लगाई जाएगी। इस पहल से बड़ी संख्या में महिलाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अब तक HPV Vaccine भारत में कुछ अस्पतालों में उपलब्ध थी, लेकिन यह मुख्य रूप से प्राइवेट अस्पतालों में लगाई जाती थी। प्राइवेट अस्पतालों में इसकी कीमत लगभग 2 से 4 हजार रुपये तक होती है। कई महिलाएं 25 से 35 साल की उम्र में भी यह वैक्सीन लगवाती रही हैं, लेकिन सही उम्र को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं।

किस उम्र में लगवानी चाहिए HPV Vaccine?

विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन (HPV Vaccine) लगवाने की सही उम्र 9 से 14 साल मानी जाती है। इस उम्र में लड़कियों के एचपीवी वायरस के संपर्क में आने की संभावना कम होती है। यह वायरस मुख्य रूप से शारीरिक संबंध के दौरान पुरुषों से महिलाओं में पहुंचता है। हालांकि इस कैंसर के अन्य कारण भी हो सकते हैं, लेकिन प्रमुख कारण यही माना जाता है। इसी वजह से 14 साल की उम्र में वैक्सीन लगवाने की सिफारिश की जाती है और सरकार ने भी इसी उम्र को निशुल्क टीकाकरण के लिए तय किया है।

क्या है और कैसे काम करती है HPV Vaccine?

दरअसल HPV Vaccine शरीर में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी तैयार करती है। यही वायरस सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण बनता है। यह वायरस यौन संपर्क से फैलता है और अगर समय रहते इससे बचाव न किया जाए तो यह सर्वाइकल कोशिकाओं को कैंसर में बदल सकता है। वैक्सीन शरीर को पहले से तैयार कर देती है ताकि वायरस के संपर्क में आने पर संक्रमण का खतरा कम हो सके।

वहीं इस वैक्सीन (HPV Vaccine) की दो डोज दी जाती हैं, जिनके बीच 0 और 6 महीने का अंतर होता है। कुछ मामलों में तीन डोज लेने की भी सलाह दी जाती है। डोज की संख्या व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर तय की जा सकती है।

क्या वैक्सीन सुरक्षित है?

दरअसल इस वैक्सीन (HPV Vaccine) को व्यापक रिसर्च के बाद तैयार किया गया है और यह सुरक्षित मानी जाती है। सरकारी अस्पतालों में तय उम्र सीमा के भीतर यह वैक्सीन निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इससे खासकर कम आय वाले परिवारों की लड़कियों को बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि प्राइवेट अस्पतालों में इसकी कीमत अधिक होती है।

वहीं जानकारों का मानना है कि यदि बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया तो आने वाले समय में भारत में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी देखी जा सकती है। लड़कियों को यह वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए ताकि भविष्य में कैंसर का खतरा काफी हद तक कम किया जा सके। भारत में गार्डासिल नाम की क्वाड्रिवैलेंट HPV Vaccine लगाई जाएगी, जो एचपीवी के प्रकार 16 और 18 के साथ साथ 6 और 11 से भी सुरक्षा प्रदान करती है।

 

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