Shravasti News: उच्च न्यायालय के हथौड़े से टूटा तालीम पर लगा ताला

जिले में फिर आबाद होंगे दो सौ से अधिक मदरसे

Sandesh Wahak Digital Desk: बीते वर्ष मदरसों पर कार्रवाई को लेकर श्रावस्ती पूरे प्रदेश में चर्चा का केन्द्र बना था। जिले में कई महीनों तक विभिन्न आरोपों में मदरसों को गिराने और सील करने सहित अन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी रहा था। जिसपर मदरसा संचालक ने हाई कोर्ट इलाहाबाद के लखनऊ पीठ में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट इलाहाबाद की लखनऊ पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए ऐतिहासिक फैसला दिया है, जिससे प्रदेश भर के मदरसा संचालकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

हाईकोर्ट के फैसले से मदरसा संचालकों में खुशी की लहर

आपको बता दें कि जिला प्रशासन ने जिले के मंसूर नगर (रत्नापुर) स्थित मदरसा अहले सुन्नत इमाम अहमद राजा को छह मई को सील कर दिया था। प्रशासन के इस कार्रवाई के खिलाफ मदरसा संचालक अब्दुल रहमान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिसपर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई पर सख्त टिप्पणी की है और कहा है कि यदि कोई मदरसा सरकार से किसी प्रकार का ग्रांट नहीं ले रहा है और न हीं मान्यता की मांग करता है, तो उसे बंद करना कानून और संविधान दोनों के खिलाफ है। अनुच्छेद 30(1) अल्पसंख्यकों को अपने शैक्षणिक संस्थान चलाने का पूरा अधिकार देता है, जिसे प्रशासन मनमाने ढंग से छीन नहीं सकता है। सील किए गए मदरसे को 24 घण्टे के भीतर खोला जाए। हाईकोर्ट की उक्त टिप्पणी सुनते हीं मदरसा संचालकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

होटलों पर काम कर रहे बच्चों को फिर तालीम से जोड़ने का होगा प्रयास

मदरसा अहले सुन्नत इमाम अहमद रज़ा के संचालक अब्दुल रहमान ने हाईकोर्ट के इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए हाईकोर्ट को धन्यवाद दिया है। अब्दुल रहमान ने कहा कि हमारे मदरसे में 100 से अधिक बच्चे तालीम पा रहे थे, मदरसा सील होने के बाद कोई बच्चा होटल में काम करने लगा तो कोई पान की गुमटी खोलकर बैठ गया है। शिक्षा से दूर हुए इन बच्चों को एक बार फिर तालीम की तरफ मोड़ा जायेगा।

कुल 287 मदरसों पर हुई थी जिला प्रशासन की कार्रवाई

जिले में प्रशासन द्वारा बीते वर्ष कुल 287 मदरसों पर कार्रवाई की गई थी। प्रशासन के इस कार्रवाई के तहत लगभग दो दर्जन मदरसों को जमींदोज किया गया था। 100 से अधिक मदरसों को सील किया गया था तथा सैकड़ों मदरसों को विभिन्न आरोपों में नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था।

अधिकारियों के मनमानी का परिणाम है मदरसों पर कार्रवाई : मायावती

मदरसे पर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकार का बचाव करते हुए सीधे अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि संभवतः कोई भी सरकार नीतिगत तौर पर प्राइवेट मदरसों के विरुद्ध नहीं है। बल्कि जिला स्तर पर अधिकारियों की मनमानी का यह परिणाम है कि ऐसी अप्रिय खबरें आती रहती हैं। सरकार को अधिकारियों की इस मनमानी पर उचित संज्ञान लेना चाहिए।

रिपोर्ट: माता प्रसाद वर्मा 

 

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