‘मैं आगरा का सीओ बोल रहा हूं…’, एक फोन कॉल और होमगार्ड विभाग में खलबली

कानपुर: उत्तर प्रदेश के होमगार्ड विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब लखनऊ में बैठे आईजी होमगार्ड धर्मवीर सिंह के पास एक ‘फर्जी’ फोन कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को आगरा के लोहामंडी सर्किल का सीओ (CO) बताया और होमगार्ड भर्ती की मेरिट लिस्ट में बदलाव कर दो लोगों को जबरन भर्ती करने का दबाव बनाया। जांच में जो खुलासा हुआ, उसने विभाग के साथ-साथ पुलिस को भी हैरान कर दिया है।

क्या था पूरा मामला?

घटना 30 दिसंबर की है, जब आईजी होमगार्ड के व्यक्तिगत नंबर पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने रौबदार आवाज में कहा “मैं आगरा का सीओ बोल रहा हूं। होमगार्ड भर्ती में मेरे दो आदमी हैं, उन्हें भर्ती करना है। मेरिट लिस्ट बदलो, इसके लिए जो वाजिब कीमत होगी, वो दी जाएगी।”

उच्चाधिकारी को सीधे फोन कर रिश्वत की पेशकश और पद का दुरुपयोग देख आईजी ने तुरंत जांच के आदेश दिए।

जांच में खुला ‘घर का ही भेद’

जब सर्विलांस टीम ने मोबाइल नंबर को ट्रैक किया, तो लोकेशन कानपुर के यशोदानगर में मिली। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कॉल करने वाला कोई पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि विभाग के ही एक होमगार्ड का 17 वर्षीय बेटा है। किशोर ने अपने पिता के विभाग में रसूख दिखाने या आर्थिक लाभ के लिए खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर आईजी को चूना लगाने की कोशिश की।

पुलिसिया कार्रवाई

आईजी के निर्देश पर होमगार्ड कमांडेंट ने पहले गोविंदनगर थाने में ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज कराई, जिसे अब नौबस्ता थाना ट्रांसफर कर दिया गया है। पुलिस आरोपी किशोर और उसके पिता की भूमिका की गंभीरता से जांच कर रही है। विभाग अब यह भी पता लगा रहा है कि क्या इस किशोर ने पहले भी किसी को डरा-धमका कर पैसे ऐंठने की कोशिश की है।

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