T20 World Cup 2026 के बीच ICC के फैसले पर विवाद, खिलाड़ियों ने जताई नाराजगी
Sandesh Wahak Digital Desk: ICC Men’s T20 World Cup 2026 अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और फाइनल में India national cricket team तथा New Zealand national cricket team आमने-सामने होने वाले हैं।
इसी बीच टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी टीमों की स्वदेश वापसी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
रिपोर्टों के अनुसार मध्य-पूर्व क्षेत्र में बढ़े तनाव और कुछ हवाई क्षेत्रों के बंद होने की वजह से कई टीमों की उड़ानों पर असर पड़ा है, जिससे उनकी वापसी में देरी हो रही है।
इसी मुद्दे को लेकर Quinton de Kock ने International Cricket Council के फैसले पर नाराजगी जताई है।
आईसीसी के फैसले पर सवाल
टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद कई टीमें भारत में रुकी हुई हैं। West Indies cricket team सुपर-8 चरण में 1 मार्च को बाहर हो गई थी, जबकि South Africa national cricket team 4 मार्च को सेमीफाइनल में New Zealand national cricket team से हारकर बाहर हुई।

वहीं, England national cricket team 6 मार्च को दूसरे सेमीफाइनल में भारत से हार गई थी।
विवाद तब शुरू हुआ जब आईसीसी ने इंग्लैंड की टीम को पहले स्वदेश रवाना करने का फैसला किया।
इस पर क्विंटन डीकॉक ने सामाजिक माध्यम पर सवाल उठाते हुए लिखा कि अन्य टीमों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई और यह समझ से परे है कि कुछ टीमों को प्राथमिकता क्यों दी जा रही है।
पूर्व खिलाड़ियों और कोच ने भी जताई चिंता
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान Michael Vaughan ने भी यात्रा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि कई टीमें लंबे समय से भारत में रुकी हुई हैं तो सभी के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।
वहीं Daren Sammy, जो वेस्टइंडीज टीम के मुख्य कोच हैं, उन्होंने भी पहले अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा था कि खिलाड़ी जल्द से जल्द अपने घर लौटना चाहते हैं।
चार्टर्ड उड़ानों की व्यवस्था
रिपोर्टों के अनुसार आईसीसी ने टीमों को स्वदेश भेजने के लिए विशेष चार्टर्ड उड़ानों की व्यवस्था की है। इंग्लैंड की टीम 7 मार्च की शाम Mumbai से सीधे London के लिए रवाना हो गई।
वहीं दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज की टीमों को Kolkata से Johannesburg होते हुए आगे यात्रा करनी है, जहां से वेस्टइंडीज टीम Antigua के लिए रवाना होगी। हालांकि इन टीमों को अभी तक उड़ान के सटीक समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।
फाइनल से पहले सामने आए इस विवाद ने एक बार फिर बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में टीमों के लिए यात्रा और व्यवस्थाओं को लेकर समानता के मुद्दे पर बहस छेड़ दी है।

