‘नेता प्रतिपक्ष ने अपने तौर-तरीके नहीं सुधारे तो…’, तेजस्वी यादव पर JDU का निशाना
Sandesh Wahak Digital Desk: जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर बुधवार को तीखा हमला बोला।
JDU की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और महनार से विधायक उमेश सिंह कुशवाहा ने तेजस्वी यादव के रवैये को सदन की कार्यवाही के प्रति उदासीनता बताया।
कुशवाहा का तंज: अगली बार पद खो सकते हैं
उमेश कुशवाहा ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता पर तंज कसते हुए कहा इस बार तो वह किसी तरह नेता प्रतिपक्ष बनने में कामयाब रहे, लेकिन अगर उन्होंने अपने तौर-तरीके नहीं सुधारे तो अगली बार स्थिति ऐसी भी हो सकती है कि उनके पास इस पद के लिए जरूरी संख्या बल भी न बचे।
नियमों के अनुसार, 243 सदस्यीय विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा पाने के लिए किसी दल के पास कम से कम 10 प्रतिशत यानी 24 सदस्य होने चाहिए। कुशवाहा ने आरोप लगाया कि आरजेडी नेता का यह रवैया कोई नया नहीं है और सदन के प्रति उनकी उदासीनता का ट्रैक रिकॉर्ड मिलता है।
JDU प्रवक्ता ने उठाए सवाल
JDU प्रवक्ता और विधान परिषद के सदस्य नीरज कुमार ने भी तेजस्वी यादव पर हमला बोला। उन्होंने सवाल किया, “तेजस्वी यादव कहां गायब हैं? क्या वे किसी मामले में अदालत में पेश होने गए हैं या हालिया चुनाव में मिली करारी हार की शर्म उन्हें घेरे हुए है? उनके परिवार की सुरक्षा में 160 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं, फिर भी वे दिखाई नहीं दे रहे।”
RJD की सफाई
तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपना बचाव किया है। विधान परिषद सदस्य उर्मिल ठाकुर ने कहा कि जब सदन में कोई बहस ही नहीं होनी थी, तो तेजस्वी यादव के मौजूद होने या न होने से क्या फर्क पड़ता है।
उन्होंने JDU पर पलटवार करते हुए कहा कि इन लोगों की राजनीति बिना तेजस्वी का नाम लिए पूरी नहीं होती और इसे बेवजह का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरजेडी के अन्य विधायक सदन में मौजूद थे।
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