कंगाली से जूझते पाकिस्तान को IMF की फटकार, 11 अरब डालर के व्यापारिक आँकड़ों पर माँगा हिसाब

Sandesh Wahak Digital Desk: भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान इन दिनों भीषण आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता के दोहरे संकट से जूझ रहा है। इस मुश्किल समय में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान से पिछले दो वित्तीय वर्षों के 11 अरब डॉलर के व्यापारिक आँकड़ों पर हिसाब मांगा है, जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। IMF से यह फटकार लगने के बाद, पाकिस्तान अब अपनी गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए चीन, अमेरिका और दुनिया के अन्य देशों के सामने मदद के लिए हाथ फैला रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान का कुल विदेशी ऋण 2025 की दूसरी तिमाही में लगभग 135 अरब डालर तक पहुँच चुका है। पाकिस्तान पर अकेले चीन का ही लगभग 30 अरब डालर का भारी-भरकम क़र्ज़ बकाया है। चीन ने यह ऋण बुनियादी ढाँचा और ऊर्जा परियोजनाओं के लिए दिया था। पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति ऐसी हो चुकी है कि उसकी रणनीति बदल गई है। रणनीतिक और सुरक्षा संबंधी मामलों के लिए वह चीन के सामने हाथ फैला रहा है। आर्थिक, व्यापारिक और संस्थागत समर्थन के लिए अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों से मदद मांग रहा है।

IMF को 11 अरब डालर के व्यापारिक आँकड़ों पर संदेह

अफगानिस्तान के खामा प्रेस ने शनिवार को खुलासा किया कि IMF ने पाकिस्तान के व्यापारिक आँकड़ों की विश्वसनीयता पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पाकिस्तान रेवेन्यू ऑटोमेशन लिमिटेड (PRAL) द्वारा वित्त वर्ष 2023-24 में बताए गए आयात के आँकड़े, पाकिस्तान सिंगल विंडो के आँकड़ों से 5.1 अरब डालर कम थे। वित्त वर्ष 2024-25 में यह अंतर और बढ़कर 5.7 अरब डालर हो गया, जिससे कुल अंतर 11 अरब डालर तक पहुँच गया।

Also Read: Ayodhya News: विश्व स्तरीय अयोध्या की तस्वीर दुनिया के सामने, दीपोत्सव में दिखेगी विकास की रोशनी

Get real time updates directly on you device, subscribe now.