कुशीनगर में नदियों को बचाने का महाअभियान, DM बोले- दिसंबर तक पूरा होगा काम
Sandesh Wahak Digital Desk: कुशीनगर की दो पौराणिक नदियां, 85 किलोमीटर लंबी बांसी नदी और हिरण्यवती नदी, अब जल्द ही फिर से अपनी पुरानी पहचान हासिल करेंगी। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने इन नदियों के पुनरुद्धार (Revival) का संकल्प लिया है और इसके लिए दिसंबर तक का लक्ष्य तय किया है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को इस काम के लिए नोडल अधिकारी (Nodal Officer) बनाया है। उन्हें तुरंत बांसी नदी के रास्ते पर राजस्व टीम के साथ मिलकर चिह्नांकन (Marking) का काम शुरू करने और जहाँ भी अवैध कब्जा हो, उसे तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है।
जन सहयोग से होगा नदियों का उद्धार
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि नदियों को पुनर्जीवित करने का यह काम केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि मन, मनोयोग, मनोबल, मशीन और जन सहयोग से ही संभव होगा। उन्होंने अधिकारियों को मनरेगा, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम लोगों का सहयोग लेने को कहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जो लोग अपनी मशीनें देकर सहयोग करेंगे, उनके लिए डीजल की व्यवस्था जिला प्रशासन करेगा।
पानी का बहाव बनाए रखने की योजना
बाढ़ खंड और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि नदियों में पानी का बहाव हमेशा बना रहे। इसके लिए विभिन्न नहरों और अन्य नदियों से इन्हें जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने हिरण्यवती नदी की भी साफ-सफाई और जल प्रवाह को बनाए रखने के लिए एक कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है।
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि इस काम के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शुरुआती तौर पर डेढ़ करोड़ रुपये की व्यवस्था की जाएगी, और जरूरत पड़ने पर और भी धन उपलब्ध कराया जाएगा। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी समेत कई अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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