Antibiotic का बढ़ता इस्तेमाल और गट हेल्थ पर पड़ता असर
Sandesh Wahak Digital Desk: आजकल छोटी-सी परेशानी में भी एंटीबायोटिक (Antibiotic) दवाएं लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। एंटीबायोटिक ऐसी दवाएं होती हैं, जो शरीर में बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण को ठीक करने के लिए दी जाती हैं। सर्दी-जुकाम, बुखार या गले में दर्द जैसी समस्याओं में कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के भी इन्हें लेने लगते हैं।
गट हेल्थ का मतलब हमारी आंतों की सेहत से होता है, जहां करोड़ों अच्छे बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं। ये बैक्टीरिया भोजन पचाने, पोषक तत्वों को शरीर तक पहुंचाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
Antibiotic और गट हेल्थ का आपसी संबंध
दरअसल एंटीबायोटिक (Antibiotic) और गट हेल्थ का आपस में गहरा संबंध माना जाता है, क्योंकि दवा लेने के बाद उसका असर सिर्फ बीमारी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पाचन तंत्र तक भी पहुंच सकता है। यही कारण है कि एंटीबायोटिक लेने पर गट हेल्थ प्रभावित हो सकती है। इसलिए इन दवाओं का इस्तेमाल समझदारी से और सही सलाह के साथ करना जरूरी माना जाता है, ताकि शरीर का प्राकृतिक संतुलन बना रहे।
बार-बार एंटीबायोटिक लेने से क्या होता है असर
दरअसल बार-बार एंटीबायोटिक (Antibiotic) लेने से आंतों में मौजूद अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है और माइक्रोबायोम असंतुलित हो सकता है।
अच्छे बैक्टीरिया की कमी से शरीर की इम्यूनिटी भी कमजोर पड़ सकती है। कुछ मामलों में दस्त, गैस, पेट दर्द या सूजन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। लंबे समय तक एंटीबायोटिक का अधिक उपयोग करने से आंतों का कामकाज धीमा हो सकता है और शरीर जरूरी पोषक तत्वों को सही ढंग से अवशोषित नहीं कर पाता। इससे कमजोरी और बार-बार संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
गट हेल्थ खराब होने के क्या हो सकते हैं संकेत?
अगर एंटीबायोटिक (Antibiotic) लेने के बाद पेट में गड़बड़ी, बार-बार दस्त, गैस बनना, पेट फूलना या मितली महसूस हो तो यह गट हेल्थ प्रभावित होने का संकेत हो सकता है। कुछ लोगों को भूख कम लगना, थकान या बार-बार संक्रमण होना भी महसूस हो सकता है।
एंटीबायोटिक लेते समय क्या सावधानी जरूरी
दरअसल एंटीबायोटिक (Antibiotic) केवल डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए और पूरा कोर्स पूरा करना जरूरी माना जाता है। दवा के दौरान और बाद में संतुलित आहार लेना फायदेमंद माना जाता है, जिसमें दही, छाछ और फाइबर युक्त भोजन शामिल हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना और अनावश्यक दवा लेने से बचना भी जरूरी होता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना शरीर के लिए बेहतर माना जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक एंटीबायोटिक (Antibiotic) का सही इस्तेमाल शरीर के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। सही सलाह और सही तरीके से दवा लेने से संक्रमण से बचाव के साथ गट हेल्थ को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
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