IND vs ENG: फतह आसान नहीं… ये 3 फैक्टर तय करेंगे निर्णायक दिन का नतीजा, केएल राहुल पर टिकी नजरें
Sandesh Wahak Digital Desk: भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर जारी तीसरा टेस्ट अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है।
मुकाबले के पांचवें और अंतिम दिन भारत को जीत के लिए अभी 135 रन की दरकार है, जबकि इंग्लैंड को 6 विकेट की जरूरत है। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने चौथे दिन स्टंप्स तक 4 विकेट पर 58 रन बना लिए थे।
इस समय क्रीज पर केएल राहुल 33 रन बनाकर नाबाद हैं और टीम की उम्मीदें उन्हीं पर टिकी हैं।
अगर भारतीय टीम यह मुकाबला जीत जाती है, तो पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ में 2-1 की बढ़त हासिल कर लेगी, जो सीरीज़ पर कब्जा जमाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
हालांकि, जीत आसान नहीं है। लॉर्ड्स की पिच अब बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन चुकी है, और इंग्लिश गेंदबाजों की पेस बैटरी पूरी ताकत के साथ उतरने को तैयार है।

पांचवें दिन मैच का रुख किन फैक्टर्स से तय होगा, आइए डालते हैं एक नजर-
1. पांचवें दिन का पहला घंटा: मैच की दिशा तय करेगा
पांचवें दिन के खेल का पहला घंटा निर्णायक साबित हो सकता है। अगर इस दौरान भारतीय बल्लेबाज बिना विकेट गंवाए टिके रहते हैं, तो रन बनाने का दबाव कम होगा और लक्ष्य आसान नजर आएगा।
दूसरी ओर, अगर इंग्लैंड की टीम शुरुआती घंटे में 2-3 विकेट निकालने में सफल होती है, तो भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पिच में अब बाउंस और मूवमेंट है, जिसका फायदा इंग्लिश तेज गेंदबाज उठा सकते हैं।
2. केएल राहुल की पारी होगी निर्णायक
केएल राहुल फिलहाल क्रीज पर सेट हैं और उनके अनुभव व संयम पर ही भारत की जीत की उम्मीद टिकी है। राहुल लॉर्ड्स में दो टेस्ट शतक पहले ही लगा चुके हैं और यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।
उन्हें ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा जैसे भरोसेमंद बल्लेबाजों का साथ मिल सकता है। अगर राहुल किसी एक के साथ लंबी साझेदारी कर लेते हैं, तो मैच का दबाव इंग्लैंड की ओर शिफ्ट हो सकता है।
3. इंग्लैंड की पेस बैटरी बन सकती है खतरा
इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी इकाई भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। चौथे दिन ब्रायडन कार्स ने शुभमन गिल और करुण नायर को आउट कर भारत की बल्लेबाजी को झटका दिया।
इसके बाद कप्तान बेन स्टोक्स ने आकाश दीप का विकेट लेकर दिन का अंत इंग्लैंड के पक्ष में किया। पांचवें दिन क्रिस वोक्स और जोफ्रा आर्चर जैसे गेंदबाज भारत के लिए मुश्किलें और बढ़ा सकते हैं।

