भारत और पाकिस्तान ने साझा की जेलों में बंद कैदियों की लिस्ट, जानें किसके पास हैं कितने कैदी

Sandesh Wahak Digital Desk: 1 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली और इस्लामाबाद ने एक-दूसरे की जेलों में बंद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया। यह प्रक्रिया साल 2008 के ‘कांसुलर एक्सेस समझौते’ के तहत हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को की जाती है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य कैदियों की पहचान करना और उनकी स्वदेश वापसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। राजनयिक माध्यमों से साझा की गई लिस्ट के अनुसार आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं।

भारत की कस्टडी में: 391 पाकिस्तानी नागरिक कैदी और 33 मछुआरे बंद हैं।

पाकिस्तान की कस्टडी में: 58 भारतीय नागरिक कैदी और 199 मछुआरे बंद हैं।

भारत ने उठाई कड़ी मांग

सूची साझा करने के साथ ही भारत सरकार ने पाकिस्तान से साफ तौर पर कुछ महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। उन 167 भारतीय मछुआरों और कैदियों को तुरंत रिहा किया जाए जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है। लापता भारतीय रक्षा कर्मियों और उनकी नावों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए। पाकिस्तान की कस्टडी में बंद 35 ऐसे भारतीयों को तुरंत राजनयिक पहुंच (Consular Access) दी जाए, जिन्हें अब तक यह सुविधा नहीं मिली है। भारत ने जोर देकर कहा कि जब तक ये कैदी रिहा नहीं होते, पाकिस्तान उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य की पूरी जिम्मेदारी ले।

भारत सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि 2014 से अब तक कुल 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 नागरिक कैदियों की घर वापसी हो चुकी है। सिर्फ पिछले तीन सालों (2023 से अब तक) की बात करें, तो 500 मछुआरे और 13 कैदी पाकिस्तान की जेलों से छूटकर अपनों के बीच लौटे हैं।

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