जंग के मैदान से 50 हजार टन LPG लेकर निकला भारतीय जहाज शिवालिक
Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग के बीच वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति ठप होने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में भारतीय शिपिंग कॉर्पोरेशन का विशालकाय जहाज शिवालिक शुक्रवार रात सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बाहर निकल आया। यह जहाज कतर से रवाना हुआ था और इसमें 50,000 टन से ज्यादा एलपीजी (रसोई गैस) लदी हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का वह संकरा समुद्री रास्ता है जहाँ से वैश्विक तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है। वर्तमान में यह इलाका युद्ध का मुख्य केंद्र बना हुआ है। ‘शिवालिक’ का सुरक्षित निकलना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी जीत मानी जा रही है, क्योंकि इसी रास्ते पर जहाजों के फंसने या हमले की आशंका सबसे ज्यादा थी।
युद्ध की खबरों के बीच देश में एलपीजी की कमी होने की अफवाहें उड़ रही हैं, जिससे लोग घबराकर एडवांस बुकिंग और जमाखोरी कर रहे हैं। इस पर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है।
पर्याप्त स्टॉक: पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है।
बुकिंग अंतराल में बदलाव: घबराहट में की जा रही ओवर-बुकिंग को रोकने के लिए सरकार ने दो सिलेंडरों के बीच के अंतराल को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है।
सुरक्षा चक्र: डायवर्जन और कालाबाजारी रोकने के लिए अब डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) अनिवार्य कर दिया गया है। यानी सिलेंडर तभी मिलेगा जब आप डिलीवरी बॉय को कोड देंगे।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के ‘खार्ग द्वीप’ पर स्थित सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। यह ईरान के लिए बड़ा झटका है क्योंकि उसके कच्चे तेल का करीब 90% निर्यात इसी द्वीप से होता है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे ईरान के ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह मटियामेट कर देंगे।

