इंदौर में दूषित पानी पीने से 7 लोगों की मौत, 40 से ज्यादा बीमार

Sandesh Wahak Digital Desk: देश के सबसे साफ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी 3 मौतों की पुष्टि की गई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है। सैकड़ों लोग उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर अस्पताल और संजीवनी क्लीनिकों के बाहर कतारों में खड़े हैं।

जांच में जो लापरवाही सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। जिस मुख्य पाइपलाइन से पूरे इलाके में पानी की सप्लाई होती है, उसके ठीक ऊपर एक सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है। पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण शौचालय और ड्रेनेज का गंदा पानी सीधे पेयजल में मिल गया। यही मौत का पानी लोगों के घरों तक पहुँचा, जिसे पीकर लोग बीमार पड़ने लगे।

हैरानी की बात यह है कि इस इलाके में नई पाइपलाइन डालने के लिए 2.5 करोड़ रुपये का टेंडर 4 महीने पहले ही हो चुका था, लेकिन इस पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। लोग पिछले कई दिनों से गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायत कर रहे थे, पर जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए रहे। जब 24 दिसंबर से मौत का सिलसिला शुरू हुआ, तब प्रशासन की नींद खुली।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से जोनल अधिकारी और असिस्टेंट इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है, जबकि एक उप-यंत्री (सब-इंजीनियर) की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी बनाई है। साथ ही मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है। वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम घर-घर जाकर बीमार लोगों की पहचान कर रही है। अब तक 1000 से ज्यादा लोगों का प्राथमिक उपचार हो चुका है, जबकि 40 से अधिक लोग अब भी गंभीर रूप से बीमार हैं।

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