लखनऊ में धरा गया इंटरस्टेट चोरों का गैंग, बंद मकान से की थी बड़ी चोरी; पुलिस ने बरामद किया सामान
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में बंद मकानों को निशाना बना रहे अंतरराज्यीय चोर गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने हाल ही में एक डॉक्टर के बंद पड़े मकान में बड़ी चोरी को अंजाम दिया था। पुलिस ने इनसे चोरी की गई एक्सेंट कार, कीमती गहने, लैपटॉप, टैबलेट, टीवी और स्कार्पियो कार समेत पूरा सामान बरामद कर लिया है।
कैसे पकड़े गए चोर?
पीजीआई थाना और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने किसान पथ स्थित डलौना रेलवे अंडरपास के पास से तीनों अभियुक्तों को दबोच लिया। ये सभी बिहार के कैमूर जिले के निवासी हैं और लखनऊ में अस्थायी रूप से रह रहे थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम इस प्रकार हैं:
सोनू सिंह (26 वर्ष)
अनुराग कुमार सिंह (20 वर्ष)
शक्तिमान सिंह (26 वर्ष)
पुलिस के मुताबिक, ये तीनों बंद पड़े मकानों की रेकी करते थे और जब पूरी तरह आश्वस्त हो जाते कि मकान खाली है, तो योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
कब और कहां हुई थी चोरी?
12 जुलाई 2025 की रात को एल्डिको-2, रायबरेली रोड पर स्थित डॉक्टर प्रियवृत शुक्ला के घर में उस समय चोरी हुई जब वे बीस दिनों से परिवार सहित बाहर थे। चोर घर का ताला तोड़कर कार, ज्वेलरी, लैपटॉप, टैबलेट, टीवी, मोबाइल फोन और डेस्कटॉप लेकर फरार हो गए थे।
घटना की रिपोर्ट पीजीआई थाने में दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल सर्विलांस और मैन्युअल खुफिया जानकारी के जरिए चोरों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया गया।

चोरी का सामान 100% बरामद
पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल की गई स्कार्पियो कार के साथ-साथ पूरा चोरी का माल बरामद कर लिया है, जिसमें शामिल हैं:
- एक्सेंट कार (UP32GB5655)
- 2 लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन
- डेस्कटॉप और CPU
- LED टीवी
- सोने के गहने – मांग टीका, मंगलसूत्र, कंगन, झुमके, चूड़ियाँ आदि
- बैटरी
- घटना में प्रयुक्त स्कार्पियो (UP32BV3373)
अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी लंबा
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए चोरों में से सोनू सिंह और शक्तिमान सिंह के खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट और चोरी जैसे गंभीर मामलों में कई केस दर्ज हैं। अनुराग कुमार पर भी हाल ही में दर्ज चोरी का मुकदमा सामने आया है।
टीम को मिलेगा इनाम
इस सफल ऑपरेशन के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी ने थाना पीजीआई और सर्विलांस टीम को 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। लखनऊ पुलिस की सतर्कता और तकनीकी मदद से एक बड़ी चोरी का सफल खुलासा हुआ है। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो समझते हैं कि बंद मकान आसान शिकार हैं। साथ ही यह भरोसा भी बढ़ाता है कि पुलिस चौकन्नी है और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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