ETF में बढ़ रहा निवेश, रिटर्न और लचीलापन कर रहे आकर्षित
Sandesh Wahak Digital Desk: पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों ने बैंक एफडी और सरकारी योजनाओं से पैसा निकालकर म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश बढ़ाया है। खासतौर पर SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। लेकिन अब शेयर बाजार में ही एक और विकल्प तेजी से निवेशकों को आकर्षित कर रहा है—ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड)।
जून के ₹2,080.9 करोड़ से कम है
AMFI (एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया) के आंकड़ों के मुताबिक, गोल्ड ETF को छोड़कर भारत में जुलाई 2025 के दौरान ETF में ₹4,476 करोड़ का नेट निवेश हुआ, जो जून 2025 के ₹844 करोड़ की तुलना में कई गुना ज्यादा है। वहीं, गोल्ड ETF में जुलाई में ₹1,256 करोड़ का निवेश हुआ, जो जून के ₹2,080.9 करोड़ से कम है।
23,587 करोड़ की तुलना में 81% अधिक है
SIP निवेश भी नए रिकॉर्ड पर पहुंचा है। जुलाई 2025 में SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश ₹28,464 करोड़ रहा, जो जून के ₹27,269 करोड़ से अधिक है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) जुलाई में ₹75.36 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो साल-दर-साल 16% की वृद्धि दर्शाता है। इसी महीने इक्विटी म्यूचुअल फंड में ₹42,702 करोड़ का नेट निवेश हुआ, जो जून 2025 के ₹23,587 करोड़ की तुलना में 81% अधिक है। यह लगातार 53वां महीना है जब इक्विटी फंड्स में पॉजिटिव फ्लो देखा गया।
पैसा निकालना या लगाना आसान होता है
ETF में निवेश की अचानक बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं—म्यूचुअल फंड की तुलना में ETF में मैनेजमेंट चार्ज और ऑपरेशनल कॉस्ट काफी कम होती है। इसके अलावा, ETF में निवेशक को यह आजादी होती है कि वह किस सेक्टर या स्टॉक-आधारित ETF में निवेश करे। ETF स्टॉक की तरह ट्रेड होते हैं, जिससे किसी भी समय पैसा निकालना या लगाना आसान होता है।
जोखिम अपेक्षाकृत कम रहा है
म्यूचुअल फंड में निवेश का फंड मैनेजर तय करता है कि पैसा कहां लगेगा, जबकि ETF में यह नियंत्रण सीधे निवेशक के पास होता है। नियम और प्रोसेस भी अपेक्षाकृत सरल होते हैं। वहीं, पिछले समय में देखा गया है कि ETF ने म्यूचुअल फंड की तुलना में बेहतर रिटर्न दिया है और स्टॉक की तुलना में जोखिम अपेक्षाकृत कम रहा है।
ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहते
विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शिता, कम लागत और आसान एग्जिट के कारण आने वाले समय में ETF निवेशकों के बीच और लोकप्रिय होगा, खासकर उन लोगों के लिए जो शेयर बाजार में सक्रिय रहना चाहते हैं लेकिन ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहते।
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