2017 से अब तक 45 लाख करोड़ का निवेश, यूपी में 60 लाख युवाओं को मिला रोजगार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश आने वाले दो दशकों में औद्योगिक और सामरिक मजबूती का नया हब बनने की ओर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन “विकसित यूपी 2047” के तहत प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें निवेश और रक्षा उद्योग प्रमुख स्तंभ होंगे।
15 लाख करोड़ रुपये धरातल पर उतर चुके
2017 से पहले यूपी निवेश और उद्योग के मामले में पिछड़े राज्यों में गिना जाता था। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) सीमित था और रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी लगभग न के बराबर थी। योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद निवेशकों को सुरक्षित माहौल और नीति समर्थन दिया। परिणामस्वरूप अब तक प्रदेश को 45 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये धरातल पर उतर चुके हैं। इससे 60 लाख युवाओं को रोजगार और लाखों परिवारों को स्वरोजगार मिला है।
प्रदेश में टेक्सटाइल, लेदर, प्लास्टिक, परफ्यूम, केमिकल और फार्मा पार्क तेजी से विकसित हो रहे हैं। वहीं MSME सेक्टर में यूपी देश का नंबर-1 बन चुका है।
28 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश
रक्षा क्षेत्र में फरवरी 2018 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर यूपी की नई पहचान बन गया है। आगरा, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ, झांसी और चित्रकूट में स्थापित नोड्स पर तेजी से काम चल रहा है। अब तक 170 एमओयू साइन हुए हैं, जिनसे 28 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश और हजारों रोजगार सृजित हो रहे हैं। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का उत्पादन यूपी को वैश्विक स्तर पर रक्षा उद्योग का हब बना रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक यूपी की जीएसडीपी को 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाया जाए। इसके लिए 16% वार्षिक वृद्धि दर बनाए रखनी होगी। निवेश और रक्षा उद्योग ही इस लक्ष्य की मजबूत नींव साबित होंगे।
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