ईरान में 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत, खामेनेई की डगमगा रही है सत्ता

Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान की सड़कों पर इस वक्त खौफ और गुस्से का माहौल है। जो आंदोलन 28 दिसंबर 2025 को केवल बढ़ती महंगाई और गिरती मुद्रा रियाल के खिलाफ तेहरान के बाजारों से शुरू हुआ था, वह अब सीधे तौर पर धार्मिक सत्ता और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को चुनौती दे रहा है।

आंकड़े बयां कर रहे हैं खौफनाक मंजर

मानवाधिकार संगठनों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 13 दिनों में हालात काफी बिगड़ चुके हैं। अब तक कम से कम 62 लोगों की जान जा चुकी है (मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार यह आंकड़ा 65 पार है)। देश भर से अब तक 2,311 लोगों को जेलों में डाल दिया गया है। यह आंदोलन ईरान के सभी 31 प्रांतों के 180 शहरों तक फैल चुका है, जहां 500 से ज्यादा जगहों पर लोग सड़कों पर हैं।

हालात बिगड़ते देख सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को सुनने के बजाय इस हिंसा के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘घमंडी’ करार दिया और कहा कि ट्रंप के हाथ ईरानियों के खून से सने हैं। उन्होंने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर और भी सख्ती बरतेंगे।

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