दो साल तक लड़ने के लिए तैयार, USA के आगे नहीं झुकेगा Iran !

Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान (Iran) के सुप्रीम नेता स्वर्गीय अयातुल्ला अली होसैनी खामेनेई के भारत में प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है कि ईरान में एक हफ्ते के अंदर नए सुप्रीम लीडर का चयन कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम लीडर चुनने की एक तय प्रक्रिया होती है और उसी प्रक्रिया का पालन करते हुए नए नेता का चयन किया जाएगा।

वहीं इलाही ने साफ कहा कि ईरान (Iran) किसी भी स्थिति में अमेरिका के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि देश दो साल तक लड़ने के लिए भी तैयार है और दुनिया से अपील करेगा कि इंसानियत के साथ खड़े हों। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा, लेकिन अगर उस पर हमला हुआ तो वह जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।

हमलों के बाद Iran में बढ़ी एकजुटता

इलाही ने कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स और “जायोनी शासन” के हमलों के बाद भी ईरान (Iran) अपनी आजादी और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह दृढ़ है। उन्होंने कहा कि जिस तरह अमेरिका और इजराइल ने खामेनेई को निशाना बनाया, उसके बाद ईरान के लोग और अधिक एकजुट हो गए हैं।

वहीं बढ़ते क्षेत्रीय तनाव पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि तेहरान को उस हमले के बाद बचाव की स्थिति में आना पड़ा, जिसे उन्होंने “अन्यायपूर्ण” हमला बताया। उनके मुताबिक कोई भी इस स्थिति को नहीं चाहता था, लेकिन हालात ऐसे बना दिए गए कि ईरान को अपनी रक्षा के लिए खड़ा होना पड़ा।

“अपनी जमीन और सम्मान के लिए देंगे कुर्बानी”

इलाही ने कहा कि वर्तमान हालात आसान नहीं हैं और देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स और जायोनी शासन ने ईरान (Iran) पर गलत तरीके से हमला किया है, इसलिए अब देश को अपनी रक्षा करनी होगी। उन्होंने कहा कि ईरान अपने देश, अपनी इज्जत, अपनी नैतिकता और अपनी आजादी की रक्षा के लिए हर तरह की कुर्बानी देने के लिए तैयार है।

बाहरी ताकतों पर भरोसा नहीं

वहीं एक एजेंसी के साथ बातचीत में इलाही ने क्षेत्र के भविष्य को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट ने ईरान के पड़ोसी देशों को यह समझा दिया है कि बाहरी ताकतें उन्हें स्थायी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकतीं। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि ईरान (Iran) का भविष्य बेहतर होगा और पड़ोसी देशों को भी यह समझ आ गया है कि वे अपनी समस्याओं का समाधान खुद कर सकते हैं और इसके लिए किसी विदेशी ताकत की जरूरत नहीं है।

भारत और ईरान के रिश्तों का जिक्र

वहीं तेहरान और नई दिल्ली के बीच तेल के इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट को लेकर चल रहे विवाद के व्यापार पर असर के बारे में भी इलाही ने बात की। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान (Iran) के बीच संबंध बहुत पुराने और मजबूत हैं। इलाही ने बताया कि दोनों देशों के रिश्ते करीब 3,000 साल पुराने हैं। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत के लोग संस्कृति, बातचीत, सभ्यता, दर्शन और आध्यात्मिक मामलों के जरिए लंबे समय से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।

 

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