KGMU में दवाओं की खरीद-फरोख्त में बड़ी गड़बड़ी, चार संविदाकर्मियों पर FIR
Lucknow KGMU News: लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कैंसर समेत गंभीर बीमारियों के मरीजों को दी जाने वाली दवाओं की खरीद और वितरण में कथित अनियमितता के मामले में चार संविदाकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। कार्यवाहक चीफ प्रोक्टर डॉ. अंकुर बजाज की तहरीर पर चौक थाने में यह कार्रवाई हुई।
आरोपियों की पहचान प्रकाश सिंह, हेमंत श्रीवास्तव, सचिन तिवारी और अरशद के रूप में हुई है। ये कर्मचारी केजीएमयू में संविदा पर कार्यरत थे। मामला यूरोलॉजी विभाग में असाध्य रोग योजना के तहत मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराने से जुड़ा है।
जांच में क्या सामने आया?
मामले की जानकारी KGMU कुलपति तक पहुंचने के बाद 26 मई को जांच समिति गठित की गई थी। इसकी अध्यक्षता डीन, फैकल्टी ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज प्रो. केके सिंह ने की। समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों, सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड, वित्तीय विवरण और अन्य साक्ष्यों के साथ संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए।
जांच के दौरान समिति को प्रथम दृष्टया दवाओं के दुरुपयोग, सरकारी धन को नुकसान पहुंचाने और अन्य गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के साक्ष्य मिले। समिति ने 2 जून को अंतरिम जांच रिपोर्ट सौंपते हुए मामले में FIR और विस्तृत जांच की सिफारिश की थी।
इससे पहले सामने आई रिपोर्टों में असाध्य रोग योजना के तहत दवाओं के खर्च में अचानक तेज बढ़ोतरी का भी उल्लेख हुआ था। खर्च अक्टूबर-नवंबर 2025 में करीब 10 लाख रुपये मासिक से बढ़कर फरवरी 2026 में लगभग 40 लाख और मार्च में 45 लाख रुपये से अधिक पहुंच गया था।
पुलिस ने मांगे दस्तावेज
डॉ. अंकुर बजाज ने बताया कि विभागीय स्तर पर विस्तृत जांच के बाद उन्हें आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अधिकृत किया गया। इसके बाद चौक थाने में तहरीर दी गई।
इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय के मुताबिक KGMU के चारों संविदाकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने केजीएमयू प्रशासन से प्रकरण से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। विवेचना के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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