Israel-Houthi conflict: इज़रायल-हूती संघर्ष जारी, सेंट्रल इजरायल में बज रहे हवाई हमलों के सायरन
Israel-Houthi conflict: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जब यमन के हूती विद्रोहियों ने इज़रायल पर प्रोजेक्टाइल हमले किए हैं। इन हमलों के परिणामस्वरूप, मध्य इज़रायल में हवाई हमले के सायरन बजने लगे हैं, जिससे नागरिकों में भय का माहौल है।
हमलों की पृष्ठभूमि
इज़रायली सेना ने हाल ही में गाज़ा पट्टी में एक “सीमित जमीनी अभियान” शुरू किया है, जिसका उद्देश्य गाज़ा के प्रमुख गलियारे पर फिर से नियंत्रण स्थापित करना है। इस अभियान के दौरान सैकड़ों लोगों की मौत हुई है, जिससे यमन के हूती विद्रोहियों में आक्रोश बढ़ा है। हूती विद्रोहियों ने इज़रायल पर प्रोजेक्टाइल हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की है।
इज़रायली सेना की प्रतिक्रिया
इज़रायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमलों की जानकारी दी है। सेना के अनुसार, इन हमलों के मद्देनज़र पूरे मध्य इज़रायल में सायरन बज रहे हैं ताकि लोग सतर्क रह सकें।
हूती विद्रोहियों की क्षमता
हूती विद्रोही, जिन्हें “अंसार अल्लाह” के नाम से भी जाना जाता है, यमन के शिया जैदी समुदाय का एक सशस्त्र समूह है। यह समूह 1990 के दशक से यमन सरकार के खिलाफ संघर्षरत है और 2014 से उत्तरी यमन के अधिकांश हिस्से पर नियंत्रण रखता है। हूती विद्रोहियों के पास 1 से 1.5 लाख लड़ाके हैं, जिनके पास मिसाइलें, ड्रोन और अन्य उन्नत हथियार हैं। उन्हें ईरान और लेबनान के हिज़्बुल्लाह से समर्थन और प्रशिक्षण मिलता है।
क्षेत्रीय तनाव और संभावित परिणाम
बता दे, इज़रायल और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते संघर्ष से क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इज़रायल द्वारा यमन में हमले तेज करने से हूती विद्रोही भी इज़रायल में महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बना सकते हैं, जिसमें बेन-गुरियन हवाई अड्डा शामिल है। इसके अलावा, यमन से इज़रायल पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की संख्या बढ़ने की आशंका है, जिससे दोनों देशों के बीच सीधा सैन्य टकराव हो सकता है।
Also Read: अमेरिका में H-1B वीज़ा नियमों में हुए बड़े बदलाव, आवेदकों के लिए नई चुनौतियाँ और अवसर के संकेत

