‘अमेरिका से डील नहीं, देश के साथ ढील हुई है’, संसद में हंगामे के बीच बोले अखिलेश यादव
Sandesh Wahak Digital Desk: संसद के बजट सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तल्खी अपने चरम पर पहुंच गई है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस थमा दिया है। वहीं, सदन के भीतर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बजट और अमेरिका के साथ हुई हालिया ट्रेड डील को लेकर सरकार की घेरेबंदी की।
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
सदन में जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस ने लोकसभा महासचिव को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा है। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें सदन में अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं मिल रहा है। दूसरी ओर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने फ्लोर लीडर्स के साथ बैठक कर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की। खबर है कि विपक्ष आठ सांसदों का निलंबन वापस लेने की शर्त पर ही सदन चलने देने को तैयार है।
अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा वार
बजट पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने सरकार को कई मोर्चों पर घेरा। उनके संबोधन की कुछ बड़ी बातें इस प्रकार हैं। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार जिस ट्रेड डील का ढिंढोरा पीट रही है, वह असल में ‘डील नहीं, ढील’ है। उन्होंने सवाल पूछा कि इस डील के बाद रुपया कहां जाएगा और क्या बजट इस डील को ध्यान में रखकर बनाया गया था?
उन्होंने कहा कि जब सब कुछ विदेश से ही आएगा, तो देश का किसान क्या उगाएगा और क्या बेचेगा? सरकार ने एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी का वादा अब तक पूरा नहीं किया है। बढ़ती कीमतों पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि सोने के भाव इतने बढ़ गए हैं कि गरीब आदमी अब अपनी बेटी की शादी में चांदी देना तो दूर, लोहे पर पीतल का पानी चढ़ाकर विदा करने को मजबूर होगा।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश से प्रधानमंत्री आते हैं, लेकिन डबल इंजन की सरकार ने राज्य को कोई बड़ा एक्सप्रेसवे नहीं दिया। जो बने भी हैं, उनकी क्वालिटी बेहद खराब है। उन्होंने अटल एक्सप्रेसवे का नाम बदलने और उसके काम की धीमी रफ्तार पर भी तंज कसा।
‘विकसित भारत’ पर सवाल
अखिलेश यादव ने बजट को ‘दिशाहीन’ बताते हुए कहा कि सरकार को कम से कम उन लोगों की ‘प्रति व्यक्ति आय’ (Per Capita Income) तो बतानी चाहिए जो मुफ्त राशन पर निर्भर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आम आदमी की आय नहीं बढ़ रही, तो विकसित भारत का सपना कैसे पूरा होगा? सदन की कार्यवाही फिलहाल भारी हंगामे के बीच चल रही है और अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस ने आने वाले दिनों में टकराव और बढ़ने के संकेत दे दिए हैं।

