जयशंकर भी जाएंगे रूस, ट्रंप की धमकियों के बीच भारत-रूस संबंधों को मिलेगी मजबूती
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने के बाद, भारत और रूस के बीच संबंधों में निकटता बढ़ गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के हालिया मॉस्को दौरे के बाद अब विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर भी रूस जा रहे हैं। उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका से संबंधों में थोड़ी खटास आई है। यह यात्रा भारत के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि भारत अपने रणनीतिक विकल्पों को मजबूत करने पर विचार कर रहा है।
रूसी विदेश मंत्री से करेंगे मुलाकात
रूसी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर 21 अगस्त को मॉस्को में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग को लेकर चर्चा होगी। इसके अलावा, इस साल के अंत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के संभावित भारत दौरे की तैयारियों पर भी बातचीत हो सकती है।
ट्रंप की धमकियों और टैरिफ वॉर का असर
विदेश मंत्री जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने और यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए भारत पर 50% का टैरिफ लगाया है। इस कदम से दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा है। अमेरिका इन दिनों पाकिस्तान के साथ भी अपनी नजदीकियां बढ़ा रहा है, जिससे भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है कि वह अपने अन्य सहयोगी देशों, खासकर रूस के साथ संबंधों को और मजबूत करे।
डोभाल के दौरे में हुई थी अहम बातचीत
इससे पहले, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के रूस दौरे के दौरान भी कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई थी। भारत स्थित रूसी दूतावास के बयान के अनुसार, दोनों देशों के बीच सैन्य-तकनीकी सहयोग के साथ-साथ असैन्य विमान निर्माण, धातु और रासायनिक उद्योग जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं को लागू करने पर भी बात हुई थी। जयशंकर का यह दौरा उन्हीं वार्ताओं को आगे बढ़ाने का काम करेगा और भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देगा।
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