Jaunpur News: जिंदा वृद्धों को ‘मृत’ दिखाकर रोकी पेंशन, तख्ती लेकर डीएम दफ्तर पहुंचे बुजुर्ग

Sandesh Wahak Digital Desk: जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें ग्राम प्रधान द्वारा तीन जीवित वृद्धों को सरकारी रिकॉर्ड में मृतक दर्शा दिया गया।

इसके चलते उनकी वृद्धावस्था पेंशन कई महीनों से बंद हो गई। न्याय की गुहार लेकर तीनों वृद्ध “मैं जिंदा हूं” लिखी तख्तियां गले में लटकाकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया।

पीड़ितों में कृपा शंकर तिवारी (70), मंगरु हरिजन (75) और महगू निषाद (72) शामिल हैं, जो जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के पचोखर गांव के निवासी हैं।

इनका आरोप है कि गांव के प्रधान विनोद यादव ने निजी रंजिश के चलते जानबूझकर उन्हें रिकॉर्ड में मृत घोषित करवा दिया, जिससे उनकी पेंशन योजना से नाम काट दिया गया।

“साहब, हम जिंदा हैं…” – वृद्धों ने डीएम कार्यालय में लगाई गुहार

डीएम कार्यालय में जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में पीड़ितों ने संबंधित अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि बुढ़ापे में पेंशन ही उनकी एकमात्र आर्थिक सहायता थी, और उसके बंद हो जाने से उनका जीवन कठिन हो गया है।

समाज कल्याण अधिकारी ने की पुष्टि, जांच शुरू

समाज कल्याण अधिकारी नीरज पटेल ने पुष्टि की कि मंगरु हरिजन और महगू निषाद को रिकॉर्ड में मृतक दिखाकर पेंशन बंद की गई है, जबकि कृपा शंकर तिवारी का नाम पेंशन सूची में ही नहीं है। उन्होंने कहा-

“जांच में सचिव स्तर पर गड़बड़ी पाई गई है। तीनों मामलों में जांच रिपोर्ट वीडियो को भेज दी गई है।

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पेंशन जल्द बहाल की जाएगी।”

प्रधान पर भ्रष्टाचार और प्रतिशोध का आरोप

वृद्ध कृपा शंकर तिवारी ने कहा कि उन्होंने ग्राम प्रधान के भ्रष्टाचार की शिकायत की थी, इसी का बदला लेने के लिए उनका नाम सूची से हटवाया गया। अन्य पीड़ितों ने भी ग्राम स्तर पर भ्रष्ट प्रबंधन और पक्षपात का आरोप लगाया।

रिपोर्ट- दीपक सिंह

Also Read: Gorakhpur News: घर-परिवार से जुड़ी हर जानकारी थी पड़ोसी को, इसी का फायदा उठाकर रची अपहरण की साजिश

Get real time updates directly on you device, subscribe now.