Jaunpur News: भारी बारिश के बाद हालात बेकाबू, शव लेकर डर के साए में अंत्येष्टि स्थल पहुंच रहे लोग
Sandesh Wahak Digital Desk: जौनपुर जिले में लगातार हो रही बारिश ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है।
25 अगस्त को अत्यधिक बारिश और करंट लगने से हुई तीन मौतों के बाद भी नगर पालिका प्रशासन अब तक निष्क्रिय बना हुआ है। शनिवार सुबह से जारी बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं को पूरी तरह चरमरा दिया है।
आज सुबह से हुई बारिश के बाद नगर क्षेत्र के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों के घरों में पानी घुस गया है।
वहीं आबकारी विभाग, कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पत्रकार भवन और सिविल लाइन चौकी जैसे महत्वपूर्ण सरकारी भवन भी पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं।
श्मशान घाट पर खौफ का माहौल
सबसे चिंताजनक स्थिति रामघाट स्थित अंत्येष्टि स्थल की है, जहां भारी जलभराव के बीच लोग शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए आने को मजबूर हैं।
श्मशान घाट का अधिकांश भाग पानी में डूब चुका है, जिससे लोग डर और असुरक्षा के बीच किसी तरह अंतिम संस्कार कर रहे हैं।
प्रशासन की चुप्पी से नाराज़ जनता
25 अगस्त को करंट और जलभराव से तीन लोगों की दर्दनाक मौत के बाद उम्मीद की जा रही थी कि जिला प्रशासन और नगर पालिका जागेंगे और जलनिकासी की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन शनिवार की बारिश ने साबित कर दिया कि अब भी प्रशासन गहरी नींद में है।
स्थानीय लोग प्रशासन की लापरवाही पर खुलकर नाराज़गी जता रहे हैं और कह रहे हैं कि हर साल बारिश के दौरान यही हाल होता है। लेकिन समाधान की दिशा में कोई स्थायी कदम नहीं उठाया जाता।
क्या कहता है सवालों का सिलसिला?
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जौनपुर नगर पालिका ने जलनिकासी की कोई पूर्व तैयारी क्यों नहीं की?
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जब पिछले साल भी ऐसे हालात बने थे, तो इस बार क्या एहतियात लिए गए?
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आखिर जनता कब तक प्रशासन की निष्क्रियता की कीमत चुकाएगी?
जनता अब एक बार फिर प्रशासन की तरफ देख रही है, लेकिन आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई की मांग कर रही है। बरसात ने एक बार फिर जता दिया है कि जौनपुर की नगर व्यवस्था को आपदा नहीं, जवाबदेही मार रही है।
रिपोर्ट: दीपक सिंह

