Javier Miley: अमेरिका के बाद अर्जेंटीना भी छोड़ेगा WHO की सदस्यता, राष्ट्रपति जेवियर माइली का बड़ा ऐलान
Javier Miley: अमेरिका के बाद अब अर्जेंटीना भी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से अपनी सदस्यता समाप्त करने जा रहा है। देश के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने इस संबंध में बड़ा फैसला लेते हुए संयुक्त राष्ट्र की इस स्वास्थ्य एजेंसी से हटने के आदेश दिए हैं। यह निर्णय अर्जेंटीना सरकार और WHO के बीच स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़े गहरे मतभेदों के चलते लिया गया है।
राष्ट्रपति के प्रवक्ता मैनुअल एडोर्नी ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि यह फैसला खासकर कोविड-19 महामारी के दौरान WHO के दिशा-निर्देशों को लेकर उत्पन्न मतभेदों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इन दिशा-निर्देशों ने मानव इतिहास में सबसे बड़े वैश्विक लॉकडाउन की स्थिति पैदा कर दी थी, जिसके कारण अर्जेंटीना को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
स्वास्थ्य सहयोग पर गिरेगी गाज
WHO से अर्जेंटीना के बाहर होने का असर वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग पर पड़ सकता है। संगठन के 2024-2025 के लिए 6.9 अरब डॉलर के अनुमानित बजट में अर्जेंटीना का योगदान लगभग 80 लाख अमेरिकी डॉलर था। हालांकि यह राशि ज्यादा बड़ी नहीं है, लेकिन एक और सदस्य देश का बाहर होना संगठन की छवि पर प्रभाव डाल सकता है।
WHO की प्रतिक्रिया
WHO ने कहा है कि वह अर्जेंटीना के इस फैसले की समीक्षा कर रहा है। डब्ल्यूएचओ के पास किसी भी देश को विशिष्ट स्वास्थ्य कार्रवाई करने के लिए बाध्य करने का अधिकार नहीं है, लेकिन इसके दिशा-निर्देश वैश्विक स्वास्थ्य संकटों के दौरान महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
कब लागू होगा फैसला?
हालांकि राष्ट्रपति माइली के इस फैसले के लागू होने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं की गई है। प्रवक्ता एडोर्नी ने संकेत दिया कि डब्ल्यूएचओ पर कुछ देशों के राजनीतिक प्रभाव के चलते इसकी स्वतंत्रता कम हो गई है।
गौरतलब है कि अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में डब्ल्यूएचओ से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। अब अर्जेंटीना के इस कदम ने वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय में नई बहस छेड़ दी है।

