जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम अब होगा नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, योगी कैबिनेट में 39 प्रस्तावों पर लगी मुहर
Lucknow News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। योगी सरकार ने नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। कैबिनेट बैठक के बाद खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों उप-मुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह घोषणा की। बैठक में रिकॉर्ड 39 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
पीएम मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल के सम्मान में लिया गया निर्णय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर यूपी कैबिनेट ने उनका अभिनंदन करते हुए यह सम्मानजनक प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है और राज्य में 42 नए राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ है। गौरतलब है कि इसी वर्ष 28 मार्च को पीएम मोदी ने जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया था। चार चरणों में पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बन जाएगा। 3,300 एकड़ में फैले इसके पहले चरण से सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्री यात्रा कर सकेंगे।
1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी
कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश के 18 नगर निगम क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। परिवहन विभाग की नई नीति के तहत टेंडर प्रक्रिया में सबसे कम बोली (L-1) लगाने वाली कंपनी से 50% बसें खरीदी जाएंगी, जबकि शेष 50% बसें उत्तर प्रदेश में ही बस निर्माण करने वाली कंपनियों से ली जाएंगी।

लखनऊ के वृंदावन योजना में बनेगा 265 करोड़ रुपये का इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल
राजधानी लखनऊ के वृंदावन विहार योजना में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP Model) के तहत 265 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल बनाया जाएगा। इसके निर्माण के लिए ओमेक्स लिमिटेड के साथ समझौता किया गया है। इसके अंतर्गत वाणिज्यिक परिसर को 90 वर्ष तथा बस टर्मिनल परिसर को 30 वर्ष की लीज पर दिया जाएगा।
65 लाख मीट्रिक टन होगी धान खरीद
खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि इस पेराई/खरीफ सत्र में 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष (62 लाख मीट्रिक टन) की तुलना में 3 लाख टन अधिक है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान की सरकारी खरीद 15 अक्टूबर से 15 फरवरी 2027 तक तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से 28 फरवरी 2027 तक की जाएगी।
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