झारखंड JSSC-CGL पेपर लीक मास्टरमाइंड गोरखपुर से गिरफ्तार, एसटीएफ UP को मिली बड़ी सफलता

Sandesh Wahak Digital Desk: स्पेशल टास्क फोर्स (STF), उत्तर प्रदेश ने एक बड़ी अंतर्राज्यीय कार्रवाई करते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा का पेपर लीक करने वाले फरार/वांछित मुख्य आरोपी को गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। झारखंड पुलिस के सहयोग के अनुरोध पर एसटीएफ ने यह कार्रवाई की।

गिरफ्तार आरोपी और अपराध का विवरण

अभियुक्त विनय साह उर्फ हरिहर सिंह झारखंड के रांची में अपराध अनुसंधान विभाग में पंजीकृत मुकदमों (सं. 01/2025, जिसमें JSSC अधिनियम 2023 की धाराएं शामिल हैं) में वांछित चल रहा था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक नेपाली सिम और एक भारतीय सिम बरामद किया गया।

एसटीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

झारखंड पुलिस ने फरार मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ, उत्तर प्रदेश से सहयोग मांगा था। उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही के पर्यवेक्षण में निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ फील्ड इकाई, गोरखपुर ने सूचना संकलन की कार्यवाही शुरू की।

सटीक सूचना के आधार पर, एसटीएफ टीम ने अभियुक्त को यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। गहन पूछताछ और झारखंड पुलिस (जिसमें निरीक्षक रमेश कुमार सिंह शामिल थे) द्वारा पहचान प्रमाणित होने के बाद, विनय साह उर्फ हरिहर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में पेपर लीक का खुलासा

अभियुक्त विनय साह ने पूछताछ में JSSC CGL परीक्षा (दिनांक 22.09.2024) का पेपर लीक करने की साजिश का खुलासा किया कि “मैंने और मेरे साथियों मनोज कुमार, शशिभूषण दीक्षित और संदीप त्रिपाठी ने रांची के जेड स्क्वायर होटल में रुककर प्लान तैयार किया था। परीक्षा से पहले हम अभ्यर्थियों को मोतिहारी-रक्सौल बॉर्डर होते हुए नेपाल ले गए थे और वहीं उन्हें प्रश्न पत्र पढ़वाया था। इसके बदले में मनोज कुमार ने मेरे खाते में एक लाख रुपये भी भेजे थे।”

गिरफ्तार अभियुक्त को थाना शाहपुर, गोरखपुर में दाखिल किया गया है। झारखंड पुलिस ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर आगे की विधिक कार्यवाही करेगी।

Also Read: मिर्ज़ापुर: दो बाइकों की भीषण टक्कर में एक युवक गंभीर रूप से घायल, ट्रॉमा सेंटर रेफर

Get real time updates directly on you device, subscribe now.