‘जी राम जी’ योजना: अब 125 दिन का रोजगार और देरी पर मिलेगा ब्याज; मंत्री अनिल राजभर ने विपक्ष को घेरा

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने जिला मुख्यालय स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार की नई योजना “विकसित भारत – जी राम जी” के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। मंत्री ने इस योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करार दिया।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री व विधायक जय प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

योजना की मुख्य विशेषताएं: क्या बदला है?

मंत्री राजभर ने बताया कि नई योजना में श्रमिकों के हितों को सर्वोपरि रखा गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण श्रमिकों को अब साल में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मजदूरी का भुगतान अब साप्ताहिक आधार पर किया जाएगा। यदि मजदूरी के भुगतान में देरी होती है, तो श्रमिकों को ब्याज सहित मजदूरी देने का कड़ा प्रावधान किया गया है। योजना के ढांचे को इस तरह विकसित किया गया है कि बिचौलियों और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो जाए।

विपक्ष पर प्रहार: “राम नाम से परहेज क्यों?”

योजना के नाम से ‘मनरेगा’ शब्द हटने और ‘राम’ शब्द जुड़ने पर हो रही राजनीति पर मंत्री ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “महात्मा गांधी हमारे पूजनीय थे, हैं और रहेंगे। उनके जीवन के अंतिम शब्द भी ‘हे राम’ थे। अगर योजना में राम का नाम जुड़ा है, तो कांग्रेस और विपक्ष को इससे इतनी परेशानी क्यों है? विपक्ष का राम नाम से परहेज करना यह दर्शाता है कि उन्हें गरीबों और ग्रामीणों के हित से ज्यादा राजनीति की चिंता है।”

रिपोर्ट: जाकिर खान

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