Jinping’s Big Step: चीन ने पारित किए युद्ध संबंधी नए नियम, अमेरिका-ताइवान पर बढ़ा खतरा

Jinping’s Big Step: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सेना को और अधिक आक्रामक बनाने के लिए नया सैन्य आदेश पारित कर दिया है, जिससे अमेरिका, ताइवान और भारत जैसे पड़ोसी देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस आदेश के तहत चीनी सेना (पीएलए) को युद्ध की तैयारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। शी जिनपिंग के इस फैसले से एशिया से लेकर अमेरिका तक वैश्विक सुरक्षा समीकरणों में बड़ा बदलाव आ सकता है।

शी (71) न केवल चीन के राष्ट्रपति हैं, बल्कि देश की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) और केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के प्रमुख भी हैं। उन्होंने सैन्य नियमों में व्यापक संशोधन करते हुए तीन नए आदेश पारित किए हैं, जिनका उद्देश्य सेना को और अधिक शक्तिशाली और युद्ध के लिए तैयार बनाना है। ये नए नियम 1 अप्रैल से प्रभावी होंगे।

युद्ध की तैयारी पर क्यों जोर दे रहा है चीन?

सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य चीनी सेना को अनुशासित बनाना, युद्ध की रणनीति को सख्ती से लागू करना और सैन्य आचार संहिता को मजबूत करना है। इस आदेश में सैन्य संरचना में सुधार और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

शी जिनपिंग ने 2012 में सत्ता संभालने के बाद से भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। इस दौरान दो रक्षा मंत्रियों समेत 50 से अधिक शीर्ष सैन्य अधिकारियों को सजा दी गई है।

भारत और वैश्विक प्रभाव

चीन की यह आक्रामक सैन्य नीति भारत समेत अन्य पड़ोसी देशों के लिए भी चिंता का कारण बन सकती है। ताइवान के प्रति चीन की बढ़ती सख्ती और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच यह आदेश वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना सकता है। चीन की यह नई सैन्य नीति एशिया में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है और आने वाले समय में क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।

 

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