J&K: किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, दो दहशतगर्द ढेर, ऑपरेशन जारी

Sandesh Wahak Digital Desk: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुरुवार सुबह सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया है। यह मुठभेड़ किश्तवाड़ के सिंहपोरा और चटरू इलाके में हुई, जहां सुरक्षाबलों ने खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।

गोलीबारी के बीच इलाके की घेराबंदी

ऑपरेशन के दौरान इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है। सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर आतंकियों को चारों तरफ से घेर लिया और फायरिंग के जरिए जवाबी कार्रवाई की। मौके पर अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है, और संभावना है कि इलाके में अन्य आतंकी भी छिपे हो सकते हैं।

आतंकियों की संपत्तियों पर भी एक्शन

इसी बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंक के नेटवर्क पर चोट करते हुए मंगलवार, 20 मई को पाकिस्तान में बैठे चार आतंकी हैंडलर्स की संपत्तियों को जब्त किया है। यह कार्रवाई बारामूला जिले के सोपोर और पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में की गई। पुलिस के अनुसार, ये संपत्तियां उन आतंकियों की हैं जो पाकिस्तान में रहकर भारत में आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहे थे।

किन आतंकियों की संपत्ति हुई जब्त?

अर्शिद अहमद टेली – निवासी नवपोरा तुज्जर, सोपोर

फिरदौस अहमद डार उर्फ उमर डार – निवासी हरवान

नज़ीर अहमद डार उर्फ शबीर इलाही – निवासी हरवान

इन तीनों की कुल करीब 29 मरले जमीन (लगभग 8,000 वर्गफुट) जब्त की गई है। कार्रवाई सीआरपीसी की धारा 82 और 83 के तहत हुई, जिसमें इन्हें पहले ही कोर्ट द्वारा घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित किया जा चुका है। जमीन की जब्ती राजस्व विभाग के सहयोग से कोर्ट के आदेश पर की गई।

आतंकवाद के खिलाफ कठोर रुख

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों का आतंकवाद के खिलाफ आक्रामक अभियान जारी है। हाल की मुठभेड़ और संपत्ति जब्ती जैसे कड़े कदम यह साफ संकेत देते हैं कि सरकार और सुरक्षाबल आतंक के खिलाफ किसी भी तरह की रियायत नहीं देने वाले हैं।

किश्तवाड़ में चल रहे अभियान के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी गई है, और स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है। वहीं पुलिस और सेना की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि आतंकवाद को हर मोर्चे पर कुचला जाएगा – चाहे वह बंदूक हो या फंडिंग।

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