‘निवेश मित्र पोर्टल से जुड़ें और उद्यमी बनें’, कुशीनगर में MSME प्रोत्साहन नीति 2022 का प्रचार तेज

पडरौना, कुशीनगर। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन बनाने के लक्ष्य के साथ जिला प्रशासन ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को प्रोत्साहित करने के लिए कमर कस ली है। उपायुक्त उद्योग अभय कुमार सुमन ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति 2022’ के तहत उद्यमियों को भारी सब्सिडी और रियायतें दी जा रही हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे सरकारी नीतियों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें और रोजगार के अवसर सृजित करें।

सब्सिडी का गणित: किसको कितना मिलेगा लाभ?

शासन की नीति के तहत नवीन इकाइयों की स्थापना पर पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान इस प्रकार है:

  • सूक्ष्म उद्यम (Micro): 25% सब्सिडी।

  • लघु उद्यम (Small): 20% सब्सिडी।

  • मध्यम उद्यम (Medium): 15% सब्सिडी।

  • विशेष प्रोत्साहन: अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST) एवं महिला उद्यमियों को निर्धारित श्रेणी में 2% अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी।

  • अधिकतम सीमा: पूंजीगत सब्सिडी की अधिकतम सीमा 4 करोड़ रुपये प्रति इकाई निर्धारित है।

अन्य प्रमुख वित्तीय सुविधाएं

  1. ब्याज सब्सिडी: केवल सूक्ष्म उद्यमों को 5 वर्षों तक 50% ब्याज सब्सिडी (अधिकतम 25 लाख रुपये तक) दी जाएगी।

  2. स्टाम्प शुल्क: इकाई स्थापना के लिए भूमि क्रय पर 100% स्टाम्प शुल्क की छूट मिलेगी।

  3. अन्य प्रोत्साहन: पर्यावरणीय आधारभूत संरचना विकास और गुणवत्ता सुधार (ZED सर्टिफिकेशन आदि) के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी।


पात्रता के मानक (निवेश एवं टर्नओवर)

नीति के तहत उद्यमों की श्रेणियां इस प्रकार परिभाषित हैं:

श्रेणी पूंजी निवेश (Capital Investment) वार्षिक कारोबार (Annual Turnover)
सूक्ष्म (Micro) 2.5 करोड़ रुपये तक 10 करोड़ रुपये तक
लघु (Small) 25 करोड़ रुपये तक 100 करोड़ रुपये तक
मध्यम (Medium) 125 करोड़ रुपये तक 500 करोड़ रुपये तक

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक उद्यमी अपनी इकाई के पंजीकरण और सब्सिडी के लिए निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:

  • ऑनलाइन पोर्टल: उत्तर प्रदेश सरकार के एकल खिड़की पोर्टल ‘निवेश मित्र’ (Nivesh Mitra) पर पंजीकरण करें।

  • ऑफलाइन संपर्क: कार्यालय उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, कुशीनगर।

“जनपद में नई इकाइयां स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन हर संभव सहयोग करेगा। हमारा उद्देश्य कुशीनगर को एक औद्योगिक गंतव्य के रूप में विकसित करना है।”

अभय कुमार सुमन, उपायुक्त उद्योग

रिपोर्ट : राघवेंद्र मल्ल

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