JPNIC के रास्ते अचानक सील! जनता हैरान, पूछा- पहले सूचना क्यों नहीं दी?
Lucknow News: जयप्रकाश नारायण की जयंती पर हर साल की तरह इस बार भी लखनऊ में सियासी हलचल तेज़ हो गई है। शनिवार सुबह-सुबह जब लोग रोज़मर्रा की तरह अंबेडकर पार्क और आसपास के इलाकों में पहुंचे, तो उन्हें बैरिकेडिंग और बंद रास्तों ने चौंका दिया।
JPNIC (जयप्रकाश नारायण नेशनल कन्वेंशन सेंटर) जाने वाले सभी मार्गों को लखनऊ पुलिस ने अचानक बंद कर दिया। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और JPNIC के चारों ओर टिन शेड की अस्थायी दीवार खड़ी कर परिसर को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
बिना सूचना के डायवर्जन से जनता परेशान
स्थानीय निवासी प्रवेश मिश्रा, जो अपने परिवार के साथ अंबेडकर पार्क घूमने आए थे, ने बताया कि पुलिस ने किसी प्रकार की पूर्व सूचना नहीं दी थी।
“सभी रास्ते बंद हैं, पर्यटन स्थल भी सील हैं। पुलिसकर्मी कुछ बताते नहीं, बस दूसरे रास्ते पर भेज देते हैं,” – प्रवेश मिश्रा।
इसी तरह, गोमती नगर की ओर अपने दफ्तर जा रहे रामनिवास शर्मा ने कहा:
“हर रास्ते पर बैरिकेडिंग है, ऑफिस पहुंचने में देर हो गई। कोई ठीक से बता भी नहीं रहा कि क्या हुआ है।”

सवाल उठा – क्या अखिलेश यादव के डर से हुई बैरिकेडिंग?
गौरतलब है कि बीते दो वर्षों (2023 और 2024) में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को JPNIC में प्रवेश से रोका गया था। दोनों बार वे गेट फांदकर अंदर घुसे और प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इस बार प्रशासन ने पहले से ही चौकसी बढ़ा दी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सपा नेताओं के संभावित विरोध और बवाल की आशंका को देखते हुए यह कड़ा सुरक्षा घेरा बनाया गया है।

सवाल यही – जनता को क्यों नहीं बताया गया?
स्थानीय लोगों और राहगीरों का साफ़ कहना है कि यदि पुलिस को सुरक्षा कारणों से रास्ते बंद करने ही थे, तो कम से कम एक दिन पहले डायवर्जन की सूचना सार्वजनिक कर देनी चाहिए थी। इससे आम आदमी को रास्ता चुनने का विकल्प मिल जाता और समय की बर्बादी से बचा जा सकता था।

