पंजाब से पकड़ा गया 50 हजार रुपये के इनामी ठग ‘काके सरदार’, यूपी STF ने की बड़ी कार्रवाई
Sandehs Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को मंगलवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गोंडा जिले के परसपुर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक केस में लंबे समय से फरार चल रहे ₹50,000 इनामी अभियुक्त हरवीर सिंह उर्फ काके सरदार को अमृतसर (पंजाब) से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर कई जिलों में धोखाधड़ी और जालसाजी के संगीन आरोप हैं।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
STF प्रयागराज टीम को सूचना मिली थी कि वांछित आरोपी हरवीर सिंह अमृतसर के रंजीत एवेन्यू थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। जानकारी की पुष्टि होने के बाद पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के निर्देशन में निरीक्षक जय प्रकाश राय और उनकी टीम ने 08 जुलाई 2025, दोपहर 2:20 बजे अमृतसर सिटी के पार्वती अस्पताल के पास छापेमारी कर हरवीर सिंह को दबोच लिया।
बरामद सामान
- एक मोबाइल फोन
- एक आधार कार्ड
- ₹2000 नगद
क्या है मामला?
हरवीर सिंह पर गोंडा, लखनऊ और बाराबंकी में दर्ज कई केस हैं, जिनमें फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए लोगों को पैसे दोगुने करने का झांसा, खनन पट्टों का लालच, और बड़े प्रोजेक्ट में साझेदारी का वादा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई थी।
2021 में, गोंडा के रहने वाले सुनील कुमार द्विवेदी से इस गैंग ने फतेहपुर में खदान दिलाने के नाम पर ₹50 लाख की ठगी की थी। ठगी में उसके साथी चंदन दीक्षित (चित्रकूट) और मनीष ओझा (बलरामपुर) भी शामिल थे। आरोपियों ने उसे आकर्षक मुनाफा देने का लालच देकर रकम हड़प ली थी और बाद में रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया।
इस मामले में परसपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ, और गिरफ्तारी से बचने के लिए हरवीर सिंह पंजाब भाग गया। जब उसे पता चला कि उसके ऊपर ₹50,000 का इनाम घोषित हो गया है, तो वह लगातार छिपता फिरता रहा।
STF की रणनीति और कार्रवाई
उत्तर प्रदेश STF को लगातार इनामी अपराधियों के मूवमेंट की जानकारी मिल रही थी। इसी के तहत STF की प्रयागराज फील्ड यूनिट को सक्रिय किया गया। टीम ने डिजिटल और ग्राउंड इंटेलिजेंस के आधार पर यह गिरफ्तारी की। अब अभियुक्त को अमृतसर कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई गोंडा पुलिस करेगी।
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