कानपुर: ‘रंगदारी’ के आरोपी अखिलेश दुबे की बेटी और भाई पर 25-25 हजार का इनाम, गेस्ट हाउस कब्जे का आरोप
Sandesh Wahak Digital Desk: भाजपा नेता को दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाकर 50 लाख की रंगदारी मांगने के आरोपी चर्चित वकील अखिलेश दुबे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब कानपुर पुलिस ने अखिलेश की बेटी सौम्या दुबे और भाई सर्वेश दुबे पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। दोनों आरोपी सिविल लाइंस स्थित ‘आगमन गेस्ट हाउस’ की वक्फ संपत्ति को फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जाने के मामले में एक महीने से फरार हैं।
क्या है गेस्ट हाउस जमीन विवाद?
मामले का खुलासा संपत्ति के मुतव्वली मोईनुद्दीन आसिफ जाह शेख की तहरीर पर हुआ। सिविल लाइंस स्थित यह जमीन (फखरुद्दीन हैदर वक्फ नंबर 70) वर्ष 1911 में 99 साल के पट्टे पर दी गई थी, जिसकी अवधि 2010 में समाप्त हो गई। आरोप है कि पट्टा खत्म होने और वक्फ बोर्ड में बेदखली की कार्रवाई चलने के बावजूद, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेसकीमती जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया। इस मामले में विजिलेंस विभाग पहले ही जांच कर चुका है और 2016 में चार्जशीट भी दाखिल की गई थी।
पुलिस की कार्रवाई और इनाम
ग्वालटोली पुलिस ने 13 अगस्त को अखिलेश दुबे, उनके भाई, बेटी और दरोगा सभाजीत सहित कई लोगों पर FIR दर्ज की थी। सौम्या और सर्वेश लगातार पुलिस को चकमा दे रहे हैं। पुलिस कमिश्नर ने समीक्षा के बाद दोनों वांछितों पर इनाम की घोषणा की है। एसीपी अमरनाथ के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
जेल में ‘विशेष सुविधा’ की चर्चा पर सफाई
सोमवार को शहर में यह अफवाह तेजी से फैली कि जेल में बंद अखिलेश दुबे को बैरक के बजाय अस्पताल में रखकर विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। इस पर जेल अधीक्षक बीडी पांडेय ने स्पष्ट किया कि अखिलेश बीमार होने के कारण अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन उपचार के बाद उन्हें वापस बैरक में भेज दिया गया है। किसी भी बंदी को कोई विशेष रियायत नहीं दी जा रही है।
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