Kanpur News: कानपुर बैराज से गंगा में छोड़ा गया 3.15 लाख क्यूसेक पानी

Sandesh Wahak Digital Desk: बदायूं से रायबरेली तक गंगा नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव और कानपुर बैराज से बढ़ते पानी के डिस्चार्ज को लेकर प्रयागराज के कछारी क्षेत्रों में चिंता बनी हुई है। सोमवार सुबह कानपुर बैराज से 3,15,702 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। इससे एक दिन पहले रविवार को 2,92,469 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। लगातार बढ़ते डिस्चार्ज के कारण प्रयागराज में भले ही गंगा का जलस्तर घट रहा हो, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी हो गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बैराज से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी का सीधा असर प्रयागराज के जलस्तर पर पड़ रहा है। गंगा में पानी घटने की धीमी गति फाफामऊ क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। पिछले 24 घंटे (रविवार सुबह आठ बजे से सोमवार सुबह आठ बजे तक) में फाफामऊ में जलस्तर केवल 35 सेंटीमीटर और छतनाग में 80 सेंटीमीटर कम हुआ है।

यमुना का जलस्तर 80.31 मीटर रिकार्ड किया गया

यमुना नदी में भी कमी दर्ज की गई, लेकिन वहां गति अपेक्षाकृत अधिक रही। नैनी में इसी अवधि के दौरान यमुना का जलस्तर 91 सेंटीमीटर कम हुआ। सोमवार सुबह आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 81.29 मीटर, छतनाग में 79.76 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 80.31 मीटर रिकार्ड किया गया।

प्रशासन की ओर से निगरानी जारी है

गंगा के जलस्तर में धीमी कमी के चलते कछारी क्षेत्रों के लोग अभी भी सतर्क हैं। बाढ़ प्रभावित और संभावित प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से निगरानी जारी है। आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके।

अपनी दिनचर्या में बदलाव कर रहे

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पानी की रफ्तार धीमी होने से खेतों में जमा पानी निकलने में समय लग रहा है, जिससे फसलों को नुकसान का खतरा बना हुआ है। वहीं, मछुआरे भी नदी के तेज बहाव के कारण अपनी दिनचर्या में बदलाव कर रहे हैं। जल संसाधन विभाग का अनुमान है कि कानपुर बैराज से डिस्चार्ज की मात्रा कम होने पर जलस्तर घटने की गति सामान्य हो जाएगी। तब तक, प्रयागराज और आसपास के गंगा-यमुना तटीय क्षेत्रों में एहतियातन सतर्कता बनाए रखने की सलाह दी गई है।

Also Read: Shravasti News: ट्रैक्टर-मिक्सर ने बाइक को मारी टक्कर, 5 की दर्दनाक मौत

Get real time updates directly on you device, subscribe now.