Kanpur News: कानपुर में जमीन का बड़ा खेल,तीन डिप्टी एसपी समेत कई अफसरों पर SIT की नजर
Kanpur News: कानपुर के बहुचर्चित जमीन घोटाले में एसआईटी को बड़े सुराग मिले हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि शहर में तैनात रह चुके तीन डिप्टी एसपी (सीओ), एक इंस्पेक्टर और केडीए अधिकारियों के पीए ने कारोबारी अखिलेश दुबे के साथ मिलकर कंस्ट्रक्शन कंपनी खड़ी की और विवादित जमीनों के सौदों में करोड़ों का टर्नओवर किया। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को दस्तावेज सौंपे हैं जिनसे पता चलता है कि अधिकारियों ने अपने परिजनों के नाम पर कंपनी बनाई। जमीन खरीद-फरोख्त में सीधी संलिप्तता के सबूत मिलने के बाद एसआईटी अब इन सभी सरकारी कर्मियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
जांच में आए चौंकाने वाले तथ्य
सूत्रों के मुताबिक, जिन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं उनमें —
- सीओ ऋषिकांत शुक्ला (वर्तमान में मैनपुरी तैनात)
- सीओ विकास पांडेय (लखनऊ में तैनात)
- सीओ संतोष सिंह (हरदोई में तैनात)
- केडीए उपाध्यक्ष के पूर्व पीए महेंद्र सोलंकी
- मौजूदा वीसी के पीए कश्यपकांत दुबे
- इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी शामिल हैं।
इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने अखिलेश दुबे और उसके साथियों के साथ मिलकर सस्ते दामों पर विवादित जमीनें खरीदीं और बाद में महंगे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाया। एसआईटी को अब तक 12 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं, जिनमें से 9 मामलों की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। कुछ शिकायतकर्ताओं ने कागजी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी सौंपे हैं। शनिवार को ही तीन शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज हुए। जल्द ही पुलिस की सिफारिश पर एफआईआर दर्ज होने की संभावना है।
सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं तक पहुंची जांच
सिर्फ अधिकारी ही नहीं, बल्कि कुछ पार्टी कार्यकर्ता और कर्मचारी नेता भी एसआईटी के रडार पर हैं। इन पर जमीन कब्जाने, कागजात तैयार कराने और सौदे कराने में सहयोग करने के आरोप लगे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कई सौदों में इन्होंने गवाही भी दी और सेटिंग करवाई। फिलहाल एसआईटी और कमिश्नरेट पुलिस इस मामले पर खुलकर कुछ नहीं कह रही है, लेकिन सूत्र मानते हैं कि पूछताछ शुरू होने के बाद जमीन कारोबार की बड़ी साजिश का खुलासा हो सकता है।

