Kanpur News: मुख्य विकास अधिकारी ने किया भीतरगांव का दौरा,की विकास कार्यों की समीक्षा
Kanpur News: कानपुर नगर की मुख्य विकास अधिकारी (CDO) दीक्षा जैन ने विकास खंड भीतरगांव का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मेहरौली और छतेरूआ ग्राम पंचायतों में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
अटल वन और नक्षत्र वाटिका का निरीक्षण
ग्राम पंचायत मेहरौली में अटल वन के निरीक्षण के दौरान, श्रीमती जैन ने पाया कि पार्क में तार फिनिशिंग का काम पूरा हो चुका है और इस वर्ष मनरेगा के तहत लगाए गए अधिकांश पौधे सुरक्षित हैं। हालांकि, उन्होंने पार्क में पाथवे न होने पर नाराजगी जताई और खंड विकास अधिकारी को इसे तुरंत बनाने के निर्देश दिए, ताकि इसे एक मनरेगा पार्क के रूप में विकसित किया जा सके। पार्क में मौजूद छोटे तालाब के चारों ओर लेमनग्रास लगाने और पाथवे बनाने के भी निर्देश दिए गए। जलभराव की समस्या को देखते हुए, पाइप के माध्यम से जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पौधों का उचित विकास हो सके। साथ ही, रोपित पौधों की प्रजाति की जानकारी देने वाले साइन बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए।
इसके बाद, उन्होंने ग्राम पंचायत छतेरूआ में विकसित की जा रही नक्षत्र वाटिका का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि पिछले साल लगाए गए पौधे अच्छी तरह से बढ़ रहे हैं और इस साल भी मनरेगा से वृक्षारोपण का काम किया गया है। उन्होंने पार्क में मौजूद तालाब के पानी का उपयोग पौधों की सिंचाई के लिए करने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन और पुस्तकालय का हाल
निरीक्षण के दौरान, ग्राम पंचायत छतेरूआ में जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकी का काम बंद पाया गया। परिसर में सोलर पैनल लगे थे, लेकिन टंकी का निर्माण रुका हुआ था और पम्प हाउस भी क्षतिग्रस्त था। मौके पर कोई श्रमिक या चौकीदार मौजूद नहीं था। सीडीओ ने जल निगम ग्रामीण के अधिशाषी अभियंता को क्षतिग्रस्त पम्प हाउस की मरम्मत कराने और टंकी का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर योजना को समय पर संचालित करने के निर्देश दिए।
‘बुक डोनेशन कैंप’
ग्राम पंचायत भीतरगाँव में निर्माणाधीन पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया गया। 3.50 लाख रुपये की लागत से बन रही इस लाइब्रेरी में फर्नीचर तो लगा था, लेकिन कुर्सियों की आपूर्ति नहीं हुई थी। सीडीओ ने प्रत्येक डेस्क पर मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग के लिए स्विच और लाइट पॉइंट लगाने, पर्याप्त रोशनी, एसी और पंखों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने 1 सितंबर 2025 से इसका संचालन शुरू करने और किसी स्वयं सहायता समूह की महिला को संचालन की जिम्मेदारी देने का निर्देश दिया। इसके अलावा, जिला पंचायतराज अधिकारी को सभी लाइब्रेरी में हल्के रंग और वॉलपेपर लगाने को कहा गया। खंड विकास अधिकारी को पुस्तकालय के लिए किताबें जुटाने हेतु ‘बुक डोनेशन कैंप’ लगाने के भी निर्देश दिए गए।
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