Kanpur News: गंगा बैराज के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का डीएम ने किया निरीक्षण, दिए निर्देश
Kanpur News: लगातार हो रही बरसात और गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण बैराज से लगे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। हालात का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खुद मौके पर जाकर वहां की स्थिति देखी और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत व बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले उन इलाकों का दौरा किया, जहां जलभराव के चलते लोगों को आने-जाने में कठिनाई हो रही थी। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों को हर जरूरी सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए। चाहे पीने का पानी हो, खाद्यान्न की आपूर्ति या फिर अस्थायी शरणस्थल की व्यवस्था — सभी कार्य समयबद्ध ढंग से किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत शिविरों में साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं का खास ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रहने को कहा ताकि जलभराव से उत्पन्न होने वाली बीमारियों पर तुरंत काबू पाया जा सके। साथ ही, नगर निगम और सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि जलनिकासी के कार्य में तेजी लाई जाए और पंपिंग सेट्स की संख्या बढ़ाई जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। यदि कहीं से शिकायत आती है तो संबंधित विभागीय अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि यह समय सेवा भाव से काम करने का है और प्रशासन की प्राथमिकता केवल और केवल जनता की सुरक्षा व सुविधा है।

आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की और राहत व बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति जानी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद समय पर मिलनी चाहिए।
प्रशासन की इस सक्रियता से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी राहत महसूस हुई है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि समय रहते हालात काबू में आ जाएंगे और जलभराव की समस्या से उन्हें जल्द निजात मिलेगी।

