Kanpur News: ट्रैफिक जाम में फंसकर महिला ने तोड़ा दम, डीसीपी ट्रैफिक ने कहा- मामला संज्ञान में नहीं
Kanpur News: कानपुर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। शहर के दबौली निवासी प्रॉपर्टी डीलर सोनू गुप्ता की पत्नी बरखा गुप्ता (32) को गुरुवार रात दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत थी, लेकिन रास्ते में लगे भीषण जाम ने सब कुछ रोक दिया।
सोनू गुप्ता अपनी पत्नी को कार से कार्डियोलॉजी अस्पताल ले जाने के लिए निकले। रास्ते में शास्त्री चौक और विजयनगर के पास मेट्रो निर्माण के कारण लगे जाम में वे 45 मिनट तक फंसे रहे। इस दौरान, उनकी पत्नी बरखा की हालत बिगड़ती गई और वे कार में ही बेहोश हो गईं। किसी तरह वे जाम से निकलकर फजलगंज से होते हुए अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया।
समय पर पहुंचते तो बच सकती थी जान
सोनू गुप्ता के अनुसार, उनकी कार को घर से अस्पताल तक पहुंचने में 45 मिनट से ज़्यादा का समय लगा, जो सामान्य से कहीं अधिक था। डॉक्टरों ने भी यह स्पष्ट किया कि यदि महिला को समय पर अस्पताल पहुँचाया गया होता, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। सोनू गुप्ता ने अपनी पत्नी की मौत का जिम्मेदार शहर की खराब यातायात व्यवस्था और प्रशासन को ठहराया है। उन्होंने बताया कि उनकी एक डेढ़ साल की बेटी शुभी, 11 साल का बेटा अंश और 14 साल का बेटा शौर्य है। इस घटना से उनका पूरा परिवार बिखर गया है।
ट्रैफिक पुलिस का बयान
इस दुखद घटना पर, डीसीपी ट्रैफिक रविंद्र कुमार ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो यह बहुत दुखद है और वे टीम भेजकर मामले की जांच करवाएंगे, जिसके बाद ही कोई आधिकारिक बयान दिया जा सकता है।
पहले भी जा चुकी हैं जानें
यह पहला मौका नहीं है जब कानपुर में ट्रैफिक जाम की वजह से किसी की जान गई हो। बीते वर्षों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस और अन्य वाहन जाम में फंस गए और समय पर इलाज न मिलने से लोगों की मौत हो गई।
- कल्याणपुर में पिछले साल, मेट्रो निर्माण के कारण लगे जाम में फंसकर एक घायल व्यक्ति ने एंबुलेंस में दम तोड़ दिया था।
- इसी साल फरवरी में, रामादेवी चौराहे पर लगे जाम के कारण एंबुलेंस में एक व्यक्ति की जान चली गई थी।
- करीब पाँच साल पहले, घाटमपुर में भी एक बीमार व्यक्ति जाम में फंसने के कारण अपनी जान गँवा बैठा था।
इन घटनाओं से ये तो साफ साबित होता है कि कानपुर की लचर ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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