कांवड़ यात्रा 2025: शांति और सुरक्षा के लिए यूपी सरकार की बड़ी बैठक, चार राज्यों के अफसर होंगे शामिल

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में राज्य सरकार की ओर से इस साल की अब तक की सबसे अहम बैठक होने जा रही है। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में डीजीपी राजीव कृष्ण के साथ-साथ उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

यह महत्वपूर्ण बैठक मेरठ कमिश्नर कार्यालय में सोमवार दोपहर 1:20 बजे से शुरू होगी। बैठक का मकसद यात्रा को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना है।

इन बिंदुओं पर होगी चर्चा

  • यात्रा मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था
  • ट्रैफिक रूट डायवर्जन की योजना
  • शिविरों और विश्राम स्थलों की तैयारी
  • डीजे की ऊँचाई, ध्वनि सीमा और नियमों का पालन
  • आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता
  • कांवड़ियों की हवाई निगरानी और पुष्पवर्षा की योजना

मेरठ, आगरा और बरेली जोन के एडीजी भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक के बाद अधिकारी मेरठ के प्रसिद्ध औघड़नाथ मंदिर का निरीक्षण भी करेंगे, जो यात्रा मार्ग पर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है।

11 जुलाई से शुरू हो रही यात्रा

बता दें कि कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से शुरू हो रही है, जिसमें हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु गंगाजल लाने हरिद्वार और अन्य पवित्र स्थलों की ओर प्रस्थान करेंगे। इसके बाद वे पैदल चलकर अपने-अपने गांव, कस्बों और शहरों के शिव मंदिरों में जल अर्पित करेंगे।

योगी सरकार ने इस यात्रा को देखते हुए विशेष सुरक्षा और ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। बिजनौर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, आगरा और बरेली जैसे संवेदनशील जिलों में पहले से ही पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर हैं। कांवड़ यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे, वहीं श्रद्धालुओं के विश्राम, खानपान और मेडिकल सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी।

चार राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

इस यात्रा में लाखों कांवड़िए दूसरे राज्यों से भी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करते हैं। इसी वजह से इस बार बैठक में चारों राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा—के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। बैठक के दौरान आपसी समन्वय को मजबूत करने और एक साझा “ब्लूप्रिंट” तैयार करने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा चूक से बचा जा सके।

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