फायरिंग केस में KRK की बढ़ी मुश्किलें, 27 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेजे गए
Sandesh Wahak Digital Desk: मुंबई की बांद्रा कोर्ट ने एक्टर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कमाल राशिद खान (KRK) को 18 जनवरी को हुई फायरिंग की घटना के सिलसिले में 27 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में गोलियां चलाने के पीछे का मकसद क्या था।
यह घटना 18 जनवरी की रात अंधेरी के ओशिवारा इलाके की है। वहां की एक रिहायशी इमारत में दो राउंड फायरिंग की आवाज सुनी गई थी। मौके पर पहुंचे पुलिस बल को वहां से एक कारतूस भी बरामद हुआ। इस बिल्डिंग में लेखक-निर्देशक नीरज कुमार मिश्रा और मॉडल प्रतीक वैध जैसे लोग भी रहते हैं, जिन्होंने रात के सन्नाटे में गोलियों की गूंज सुनी थी। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई।
अदालत में वकीलों की दलीलें
सुनवाई के दौरान पुलिस और KRK के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि फायरिंग की घटना सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा थी। मौके से सबूत बरामद हुए हैं और मंशा का पता लगाने के लिए हिरासत जरूरी है। KRK के वकील ने पुलिस की थ्योरी पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि जिस हथियार की बात हो रही है, उसकी रेंज मात्र 20 मीटर है। ऐसे में दो अलग-अलग फ्लैट्स, जिनके बीच की दूरी 400 मीटर है, वहां निशाना लगाना नामुमकिन है। उन्होंने पुलिस के आरोपों को पूरी तरह संदिग्ध बताया।
कोर्ट में KRK ने खुद को निर्दोष बताते हुए कई बातें कहीं। KRK का कहना है कि वह फेसबुक और सोशल मीडिया पर फिल्मों का रिव्यू करते हैं और फिल्मी हस्तियों पर टिप्पणी करते हैं, इसी वजह से फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोग उन्हें निशाना बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास हथियार का वैध लाइसेंस है और उनका फायरिंग से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने खुद को एक प्रतिष्ठित बिजनेसमैन बताते हुए कहा कि उनके फरार होने का कोई खतरा नहीं है।
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