कुशीनगर: घरेलू हिंसा की शिकार महिला के लिए ‘ढाल’ बनी 181 हेल्पलाइन, रेस्क्यू के बाद मिली शरण

पडरौना, कुशीनगर: मुश्किल वक्त में महिलाओं की साथी कही जाने वाली महिला हेल्पलाइन 181 और सखी वन स्टॉप सेंटर ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी से एक पीड़ित महिला को सुरक्षित बचाया है। रामकोला थाना क्षेत्र में ससुराल पक्ष की प्रताड़ना झेल रही एक महिला को रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित आश्रय और इलाज उपलब्ध कराया गया है।

रात 8 बजे आई कॉल और शुरू हुआ एक्शन

मामले की शुरुआत सोमवार रात करीब 08 बजे हुई, जब पीड़ित महिला के भाई ने हेल्पलाइन पर सूचना दी कि उसकी बहन को उसके पति, सास और ससुर द्वारा बेरहमी से पीटा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। सूचना मिलते ही सेंटर मैनेजर रीता यादव ने इसकी जानकारी जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) डीसी त्रिपाठी को दी, जिन्होंने तत्काल टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण में शरीर पर मिले चोट के निशान

मंगलवार सुबह वन स्टॉप सेंटर, ‘हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वुमेन’ और रामकोला थाना पुलिस की संयुक्त टीम जब महिला के ससुराल पहुंची, तो शिकायत सही पाई गई। जांच के दौरान महिला के शरीर पर चोट के गहरे निशान मिले, जो उसके साथ हुई शारीरिक क्रूरता की गवाही दे रहे थे।

अस्पताल में इलाज और अब सुरक्षित ठिकाना

पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की टीम ने महिला को तुरंत वहां से निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय भर्ती कराया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, महिला की सुरक्षा को देखते हुए उसे सखी वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रूप से ठहराया गया है।

कानूनी कार्रवाई की तैयारी

जिला प्रोबेशन अधिकारी के मार्गदर्शन में अब इस मामले में ससुराल पक्ष के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। सेंटर मैनेजर रीता यादव, जेंडर स्पेशलिस्ट प्रीति सिंह व वंदना कुशवाहा, उपनिरीक्षक दिनेश कुमार यादव, बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप यादव और अन्य पुलिसकर्मी रेस्क्यू टीम में शामिल रहे।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

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