पराली जलाने पर कुशीनगर प्रशासन का सख्त एक्शन, 32 किसानों पर जुर्माना
पडरौना, कुशीनगर। खेत में पराली न जलाने को लेकर प्रशासन की बार-बार दी जा रही हिदायतों के बावजूद किसानों की लापरवाही सामने आने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला प्रशासन ने रडार पर आए 32 किसानों के खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए जुर्माना लगाया है।
उप कृषि निदेशक अतिंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में पराली जलाने की अब तक 92 घटनाएँ सामने आई हैं। हाटा तहसील में 14 और कप्तानगंज तहसील में 18 किसानों को सूचीबद्ध किया गया है। इन 32 किसानों पर नियमानुसार ₹16,000 का जुर्माना लगाया गया है।
DM ने दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी (DM) महेंद्र सिंह तंवर ने राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों को पराली जलाने की घटना पर कार्रवाई में शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम या पराली प्रबंधन के यंत्र के बिना धान की कटाई कर रहे कंबाइन हार्वेस्टरों को तत्काल सीज करने का निर्देश दिया है। जिन गांवों में एक से अधिक घटनाएं हुई हैं, वहां के प्रधानों को भी क्षेत्र में पराली जलने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कठोर निर्देश जारी किए गए हैं।
पराली प्रबंधन के लिए सुझाव
उप कृषि निदेशक अतींद्र सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उन्नत कृषि यंत्रों (जैसे मल्चर, रोटरी स्लैशर, स्ट्रा रीपर) का प्रयोग करें और पराली का उपयोग खेत में ही करें।
कृषि विभाग द्वारा बायो डीकंपोजर की व्यवस्था की गई है, जिसका वितरण राजकीय बीज भंडारों के माध्यम से किसानों के बीच निःशुल्क कराया जा रहा है। किसानों से सुपरसीडर के माध्यम से गेहूं की बुवाई करने और पराली को समीप की निराश्रित गौशाला में दान करने की भी अपील की गई है, ताकि पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सके।
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