कुशीनगर: आपात स्थितियों से निपटने के लिए ब्लैक आउट और एयर रेड मॉक ड्रिल आयोजन

पडरौना नगर स्थित सुभाष चौक पर हुआ मॉक ड्रिल, आधे घंटे गुल रही बिजली, बुझवा दी गयी सभी बत्तियां

पडरौना, कुशीनगर। उत्तर प्रदेश दिवस 2026 एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर प्रदेश शासन के निर्देश पर शुक्रवार को सायं 6 से 06ः45 बजे तक ब्लैक आउट एवं एयर रेड मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

यह मॉक ड्रिल युद्धकालीन परिस्थितियों में संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों का परीक्षण, विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय की प्रभावशीलता का आकलन तथा आम नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक एवं प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से किया गया। मॉक ड्रिल का आयोजन सुभाष चौक, पडरौना (ब्लैक आउट स्पॉट) में आयोजन किया गया।

मॉक ड्रिल के प्रमुख उद्देश्य

युद्ध की स्थिति में आगजनी, बमबारी, भगदड़, सी.बी. आर.एन. प्रभाव एवं अन्य बहु-आपदाओं से बचाव के लिए जनजागरूकता एवं आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था का परीक्षण किया जाना तथा जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन इकाई एवं नागरिक सुरक्षा बलों की तत्परता का मूल्यांकन करना है।

मॉक ड्रिल की कार्यवाही

मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजाकर हवाई हमले की चेतावनी दी गई, जिसके पश्चात निर्धारित क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था बाधित कर ब्लैक आउट किया गया। नागरिकों द्वारा सुरक्षित स्थानों एवं शेल्टरों में शरण लेने का अभ्यास कराया गया। इसके पश्चात अग्निशमन विभाग द्वारा आग बुझाने का प्रदर्शन, बम निरोधक दस्ते द्वारा संदिग्ध वस्तुओं की जांच, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों द्वारा प्राथमिक उपचार, ध्वस्त भवनों से लोगों के रेस्क्यू तथा एम्बुलेंस के माध्यम से घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल के अंत में “ऑल क्लीयर” सायरन बजाकर अभ्यास की समाप्ति की घोषणा की गई।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी पडरौना सहित स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग, परिवहन विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सूचना विभाग, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केन्द्र, स्काउट-गाइड, नगर निकाय, स्वयंसेवी संगठन एवं अन्य संबंधित विभागों की सक्रिय सहभागिता रही।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई कि भविष्य में भी ऐसी मॉक ड्रिल के दौरान घबराएं नहीं, इसे केवल अभ्यास के रूप में लें तथा प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों को सहयोग प्रदान करें।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

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