Kushinagar News: जल जीवन मिशन में लापरवाही पर डीएम सख्त, अधूरे कार्यों की होगी जांच

Sandesh Wahak Digital Desk: जल जीवन मिशन के तहत जिले में चल रही ग्रामीण पेयजल योजनाओं में देरी और अनियमितताओं को लेकर कुशीनगर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सख्ती दिखाई है। मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधूरे कार्यों को जल्द से जल्द और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत की जांच कराने की बात कही।

कितने गांवों में चल रही हैं पेयजल योजनाएं?

बैठक में उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता ने बताया कि जिले में जल जीवन मिशन के फेज-2 और फेज-3 के तहत कुल 453 ग्रामीण पेयजल योजनाएं संचालित हो रही हैं। इनका उद्देश्य 687 ग्राम पंचायतों के 904 राजस्व गांवों में 3,34,718 घरों तक पानी पहुंचाना है। अब तक 84 ग्राम पंचायतों में कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि बाकी योजनाएं प्रगति पर हैं।

बिजली कनेक्शन भी बना बाधा

बैठक में बताया गया कि इन 453 योजनाओं में से 103 योजनाएं विद्युत आधारित हैं। लेकिन अब तक सिर्फ 20 योजनाओं को ही बिजली कनेक्शन मिल पाया है। इस धीमी प्रगति पर नाराज़ डीएम ने कहा कि वे स्वयं अधीक्षण अभियंता (बिजली विभाग) को पत्र भेजकर कार्यों को जल्द पूरा करने को कहेंगे। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 6,448 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य है। अभी तक 6,252 किमी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। शेष 196 किमी पाइपलाइन अब भी बाकी है, जिसके पीछे मुख्य कारण है लोक निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिलना और कुछ छोटे-बड़े विवाद। इस पर डीएम ने साफ निर्देश दिया कि जिला प्रशासन संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर बचा हुआ कार्य शीघ्र पूरा कराए।

मरम्मत पर विशेष ध्यान

डीएम ने खासतौर से पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत की सघन जांच कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि योजनाएं अधूरी रहने या खराब निर्माण की शिकायतें मिल रही हैं, जिसे हर हाल में सुधारा जाएगा।

बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?

इस समीक्षा बैठक में अधिशासी अभियंता, यूपी जल निगम (ग्रामीण), कुशीनगर, सहायक अभियंता, जूनियर इंजीनियर, कार्यदायी संस्था मेसर्स एनसीसी लिमिटेड के प्रतिनिधि, डीपीएमयू और टीपीआईए प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल।

 

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